बिहार के बेटे ने बनाई नेशनल टीम में जगह, माता-पिता ने दिया चौका देने वाला बयान; घर में पैसा देगा तब होगा यकीन

Purnia Rakesh Murmu-रग्बी इंडिया कैंप के लिए प्लेयर के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पूरे देश भर से 26 खिलाड़ियों का चयन किया गया है जिसमें बिहार राज्य से कुल 5 खिलाड़ियों ने टीम में जगह बनाई है।
उन्हीं 5 खिलाड़ियों में से एक खिलाड़ी हैं पूर्णिया के रहने वाले राकेश मुर्मू, इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इस मुकाम को हासिल कर लिया है। राकेश बेहद गरीब परिवार से संबंध रखते है, और इनके पिता पेशे से मजदूर है।
चौका देने वाली बात
नेशनल टीम में जगह बनाने के बाद राकेश को चारों तरफ से बधाइयां मिल रही थी। उसी दौरान मीडिया कर्मी इनके घर पहुंचे तब उनके पिता ने कुछ ऐसा बयान दे दिया जिसे सुनकर सभी लोग चौक गए।
दरअसल मीडिया से बात करते हुए राकेश पिता ने कहा की जब मेरा बेटा पैसा कमा कर लाएगा तभी हमलोगों को होगा यकीन। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से राकेश ने इस मुकाम को हासिल किया है जिससे हम सभी को बेहद खुशी है।
भावुक हो गए माता-पिता
राकेश मुर्मू आदिवासी समुदाय से आते हैं। उनके माता और पिता भावुक होकर अपने बेटे के इस बड़ी कामयाबी पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पिता ने मजदूरी करते हुए जैसे तैसे अपने परिवार को चलाया है।
बेहद गरीबी में पले-बढ़े हैं राकेश
बातचीत के दौरान राकेश के पिता ने बताया गरीबी और आर्थिक तंगी के बीच मेरे बेटे ने इस मुकाम को हासिल किया है। राकेश के इस सफलता ने आसपास के गाँव के सभी युवाओं में एक अलग जुनून भर दी है|
राकेश के इस बड़ी सफलता के बाद, बिहार में तैयारी कर रहे सभी युवाओं में एक अलग उत्साह भर दी है। बेहद गरीबी के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, और कठिनाइयों का सामना करते हुए हासिल कर लिया मुकाम। गाँव समेत पुरे पुरनिया जिले में हो रही है तारीफ।
कोच ने दिया भरपूर साथ
राकेश मुर्मू को शुरुआत से फुटबॉल के प्रति लगाव था।आसपास गाँव में आयोजित सभी टूर्नामेंट में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते थे। राकेश ने एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान बताया कोच शुभम आनंद के सहयोग से, मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं।
रग्बी फुटबॉल के, जिला सचिव एवं राकेश मुर्मू के कोच शुभम आनंद ने बातचीत करते हुए बताया जब भी राकेश परेशानी में आया है, तब हमने उनके समस्या का समाधान करने की भरपूर कोशिश की है, और उसके यहां तक पहुंचने के सफर में हमारा साथ हमेशा जारी है।