बिहार में 27 साल बाद हुआ रणजी मैच, लेकिन क्रिकेटर डिप्टी सीएम के राज्य में स्टेडियम की ऐसी हालत

बिहार में 27 सालों के बाद रणजी क्रिकेट मैच का आयोजन किया जा रहा है, ऐसे में यह राज्य के क्रिकेटर्स और क्रिकेट प्रशंसकों के लिए किसी ऐतिहासिक क्षण से कम नहीं है.
लेकिन राजधानी पटना के मोइन-उल-हक़ स्टेडियम (Moin-ul-Haq Stadium) की कुव्यवस्था के कई फ़ोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वो भी तब जब राज्य के वर्तमान उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पूर्व क्रिकेटर रह चुके है.
मोइनुल हक स्टेडियम की हालत काफी जर्जर

दरअसल देश भर के कई मैदानों पर 05 जनवरी 2024 से रणजी ट्रॉफी की शुरुआत हुई है. झारखंड राज्य बनने के बाद बिहार को पहली बार रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में इंट्री दी गई है.
जिसके तहत बिहार की क्रिकेट टीम अपना पहला ग्रुप मैच मुंबई के खिलाफ राजधानी पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में खेल रही है. मोइनुल हक स्टेडियम की हालत काफी जर्जर है, इसके बावजूद यहाँ मैच का आयोजन किया जा रहा है.
“अपने रिस्क पर मैच देखने आएं” – BCA
हालाँकि मोइनुल हक स्टेडियम में 27 साल बाद रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप मैच को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. बिहार-मुंबई रणजी मैच को देखने के लिए पहले दिन ही लगभग 5 से10 हजार लोग स्टेडियम पहुंचे थे.
लेकिन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने लोगों से अपील भी की थी कि वे मैच देखने के लिए अपने रिस्क पर आएं क्योंकि स्टेडियम की हालत काफी जर्जर है. जिसको लेकर स्टेडियम के चारों तरफ डेंजर जोन के छोटे-छोटे पोस्टर भी लगाए गए थे.
स्टेडियम के दीवारों पर निकल आए हैं पौधे
हालाँकि जब फैन्स स्टेडियम में मैच देखने गए तब वहां उन्हें बैठने की कोई व्यवस्था नहीं दिखी और स्टेडियम की हालत काफ़ी बिगड़ी हुई थी. क्यूंकि दर्शकों के बैठने के लिए जो गैलरी बनाए गए थे, उनकी भी हालत भी काफी जर्जर हो चुकी है.
इतना ही नहीं उन दीवारों के ऊपर पौधे भी निकल आए हैं. इसके अलावा फैन्स को स्कोर का भी पता नहीं चल पा रहा था क्योंकि पूरे स्टेडियम में केवल एक छोटा सा स्कोरबोर्ड लगा हुआ था.
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज ने शेयर किया वीडियो
मोइन-उल-हक़ स्टेडियम के एक वीडियो को शेयर करते हुए भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने लिखा की – “यह कहीं से भी स्वीकार्य नहीं है. रणजी ट्रॉफी भारत का सबसे बड़ा घरेलू कॉम्पिटिशन (क्रिकेट) है. और ये समय है कि सभी इसकी अहमियत को समझें. इसे ठीक नहीं करने के पीछे स्टेट एसोसिएशन का कोई वैध कारण नहीं दिखता.”
This is unacceptable. Ranji Trophy is the premiere domestic competition in India and it’s time all stakeholders realise it’s value. Don’t see any valid reason for the state association not rectifying this . https://t.co/BTHs6auAah
— Venkatesh Prasad (@venkateshprasad) January 5, 2024
इसके अलावा सोशल मीडिया पर कई और लोगों ने स्टेडियम की तस्वीरों को शेयर किया. सोशल मीडिया साइट एक्स पर ‘हमारा बिहार’ नाम के पेज़ ने स्टेडियम के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा – “देखिए पटना के मोइन-उल-हक़ स्टेडियम का हाल, खंडहर जैसे स्टेडियम में खेला गया मुंबई और बिहार रणजी ट्रॉफी मैच!”
देखिए पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का हाल, खंडहर जैसे स्टेडियम में खेला गया मुंबई और बिहार रणजी ट्रॉफी मैच!#Bihar #RanjiTrophy #stadium #Patna pic.twitter.com/L79ZafXZhL
— Humara Bihar (@HumaraBihar) January 6, 2024
बिहार के डिप्टी सीएम रह चुके है क्रिकेटर
इसके बाद अंकुर सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा है – “बिहार के मोइन-उल-हक़ स्टेडियम का हाल, जहां रणजी मैच खेला जाना है. डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव खुद क्रिकेटर थे. कल कहा था मंदिर महत्वपूर्ण नहीं है. लेकिन बिहार में विकास की जांच करें जहां धर्मनिरपेक्ष सरकार है.”
Condition of Bihar’s Moin ul Haq Stadium where Ranji Match is going to be played.
Deputy CM Tejashwi Yadav himself was a cricketer.
Yesterday said Mandir is not important. But check development in Bihar where there’s secular Govt.pic.twitter.com/N1bHaIeXdN
— Ankur Singh (@iAnkurSingh) January 6, 2024
बता दे बिहार के डिप्टी सीएम का राजनीती से पहले क्रिकेट से भी नाता रह चूका है. तेजस्वी टीम इंडिया के सफल कप्तान रह चुके विराट कोहली के साथ भी एक ही टीम से क्रिकेट खेल चुके हैं.
तेजस्वी यादव ने अपने पूरे क्रिकेट करियर में केवल सात मैच खेले है. जिसमें एक रणजी मैच, दो लिस्ट-ए मैच और तीन टी-20 मैच शामिल हैं.
किसी दिन स्टेडियम भी हो जाएगा चोरी
मालूम हो की कुछ दिनों पहले बिहार में तालाब चोरी की घटना सामने आई थी, जिसका उदाहरण देते हुए कुमार प्रियव्रत नाम के यूजर ने लिखा, – “किसी दिन ये स्टेडियम भी चोरी हो जाएगा.”
Kisi din ye stadium b chori ho jaaega😅
— Kumar Priyavrat (@KumarPriyavrat3) January 5, 2024
वहीँ तुषार नाम के एक अन्य यूजर ने लिखा – “बिहार का हाल बहुत बुरा है महाशय. और हमें अच्छे होने की उम्मीद भी नहीं है. यही कारण है लोग दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो रहे हैं. और क्रिकेटर्स दूसरे राज्य से खेल रहे हैं.”
जानिए मोइन-उल-हक़ स्टेडियम का इतिहास
मालूम हो की मोइन-उल-हक़ में कई इंटरनेशनल मैच खेले जा चुके है. 90 के दशक में यहां तीन वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों का आयोजन हुआ था.
यहां सबसे पहला इंटरनेशनल मैच साल 1993 में जिम्बाब्वे और श्रीलंका के बीच खेला गया था. फिर 1996 के वर्ल्ड कप में 26 फरवरी को केन्या और जिम्बाब्वे का मैच खेला गया, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला था.
इसके बाद 27 फरवरी 1996 को केन्या और जिम्बाब्वे के बीच फिर मैच खेला गया, जिसमें जिम्बाब्वे ने 5 विकेट से जीत हासिल की थी.
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