Jan Aushadhi Kendra Bihar: बिहार में खुलेंगे 190 जन औषधि केंद्र, कैसे करे आवेदन, जानिए क्या-क्या होगा फायदा

Jan Aushadhi Kendra Bihar

Jan Aushadhi Kendra Bihar: सभी को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, भारत सरकार द्वारा प्रधान मंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत, समर्पित सस्ती कीमतों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जनऔषधि केंद्र के नाम से जाने जाने वाले आउटलेट खोले गए हैं।

इसी क्रम में बिहार के पैक्सों में भी जन औषधि केंद्र खोलने की तयारी की जा रही है। पहले चरण में हरेक जिले से पांच पैक्सों का चयन किया जा रहा है। सहकारिता विभाग की ओर से सभी जिलों से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। आईये जानते है जनऔषधि केंद्र से क्या फायदे होंगे और इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते है?

Jan Aushadhi Kendra Bihar: क्या है योग्यता?

जन-औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए। दवा दुकान खोलने के मानदंड के तहत व्यक्तिगत पात्रता डी फार्मा या बी फार्मा होती है।

कोई भी संगठन, एनजीओ, धर्मार्थ संगठन एवं अस्पताल इसके लिए बी फार्मा अथवा डी फार्मा डिग्रीधारकों को नियुक्त कर सकता है। पैक्सों के लिए भी यही नियम लागू होगा।

जनऔषधि केंद्र से क्या होगा फायदा?

जनऔषधि केंद्र खुलने से पैक्सों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी सस्ती दवाएं मिल सकेंगी।

वहीँ बिहार के शहरी इलाकों में अभी जनऔषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। यहां लगभग 1800 प्रकार की दवाओं की बिक्री की जाती है। इन दवाओं के दाम ब्रांडेड दवाओं की तुलना में बहुत कम होते हैं।

कैसे होगा आवेदन?

आपको बता दे की बिहार के कुल 190 पैक्सों में जन औषधि केंद्र खुलेंगे। जिला सहकारिता पदाधिकारी योग्य पैक्स का चयन कर उनका नाम भेजेंगे। इन पैक्सों से आवेदन लेकर उनकी पात्रता की जांच की जाएगी।

जांच के बाद उन्हें दवा बेचने का लाइसेंस मिलेगा। इसके लिए पैक्सों को बी फार्मा या डी फार्मा डिग्रीधारी युवाओं को नियुक्त करना होगा।

बिहार में पैक्सों का हो रहा कम्प्यूटराइजेशन

आपको बता दे की बिहार में पैक्सों की बैंकिंग गतिविधि बढ़ाने के लिए कम्प्यूटराइजेशन का काम किया जा रहा है। इसके लिए पहले चरण में 4500 पैक्सों में कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पैक्स कोऑपरेटिव बैंक की शाखा की तरह ग्रामीणों को सुविधा प्रदान कर सके।

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कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए 300 सेवाएं

कृषि और सहकारिता कार्यों के बाद अब पैक्सों का कारोबारी दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए पैक्सों में कई अन्य सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए लगभग 300 तरह की सेवाएं पहले से ही शुरू की जा चुकी हैं।

बिहार में अब तक लगभग 1500 पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर शुरू किया जा चुका है। यहां से कई तरह के प्रमाण पत्र, आयकर, आधार कार्ड आदि बनाए जा रहे हैं। आर्थिक रूप से मजबूत पैक्स पंप और गैस एजेंसी भी शुरू कर सकते हैं।

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