Bihar Teacher Recruitment: BEd के आधार पर है CTET पास, तो कैसे बदले DElEd सर्टिफिकेट, अभ्यर्थियों ने BPSC से लगाई गुहार

बिहार में जारी 1.70 लाख शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया (Bihar Teacher Recruitment 2023) आए दिन किसी नई समस्या से रूबरू हो जाती है। कभी नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल तो कभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज सबंधी मामलो के कारण ये भर्ती चर्चा का विषय बन ही जाती है।
अब नया मामला बीएड के आधार पर सीटेट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से जुड़ा हुआ है। ये समस्या एक दो नहीं बल्कि सैंकड़ों अभ्यर्थियों का है, ऐसे में इन शिक्षक अभ्यर्थियों ने बीपीएससी से गुहार भी लगाई है।
बिहार शिक्षक भर्ती में कैसे मिलेगा लाभ?
दरअसल बीपीएससी ने प्राथमिक शिक्षक के पदों के अभ्यर्थियों को 9 से 11 सितम्बर के बीच D.El.Ed यानि Diploma In Elementary Education का प्रमाण पत्र अपलोड करने को कहा है।
लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है की – “बीएड के आधार पर सीटेट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को डीएलएड प्रमाणपत्र बदलने पर भी बिहार शिक्षक भर्ती में कैसे लाभ मिलेगा?” अभ्यर्थियों ने कहा कि – “बीएड की डिग्री हटाकर डीएलएड अपलोड भी कर दिया तो हमारी सीटेट की डिग्री कैसे मान्य होगी?”
ज्ञात हो की बिहार शिक्षक भर्ती में कक्षा एक से पांच में बहाली के लिए बीएड की डिग्री को बाहर कर दिया गया है। अब बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने बीएड के आधार पर सीटेट किया। ये अभ्यर्थी बीपीएससी विद्यालय अध्यापक नियुक्ति परीक्षा में भी शामिल हुए।
अभ्यर्थियों ने BPSC से लगाई गुहार
वहीँ बीपीएससी प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थी ऋषिकेश राज ने कहा कि – “बीपीएससी द्वारा आगामी 9 से 11 सितंबर तक अपने बीएड प्रमाणपत्र की जगह डीएलएड प्रमाणपत्र को अपलोड करने से संबंधित एक निर्देश जारी किया गया है, जिस पर शिक्षा विभाग एवं बीपीएससी को विचार करना चाहिए।”
पुष्पलता यादव, कुमुदकांत पाण्डेय, बेबी मिश्रा, कृष्णा सिंह सहित दर्जनों अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग व बीपीएससी से गुहार लगाते हुए सवाल उठाया है कि जो अभ्यर्थी बीएड के आधार पर प्राथमिक शिक्षक के लिए सीटेट परीक्षा उत्तीर्ण हुए हैं, वे यदि डीएलएड से अपने प्रमाणपत्र बदल भी लें तो उनका सीटेट मान्य कैसे होगा।
बीएड वालों की सीटेट पेपर 1 की डिग्री अमान्य
गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बीएड वालों की सीटेट पेपर 1 की डिग्री अमान्य हो चुकी है, जिसकी सूचना सीबीएसई ने सीटेट फॉर्म भरते वक्त ही दी थी कि बीएड वालों की डिग्री की मान्यता सुप्रीम कोर्ट के अधीन होगी और सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 11 अगस्त 2023 के फैसले में उन्हें अयोग्य करार दे दिया है।