दुनिया के सबसे महंगे आम की खेती अब आपके बिहार में! CCTV और कुत्तों से हो रही निगरानी; देखिए वायरल वीडियो

आम का शाही पीलापन बाकि सारी फलों को पीछे कर देता है आपको बता दें कि भारत देश में मैंगो की इतनी वैरायटी है कि हम गिनते गिनते थक जाएंगे लेकिन आमों की वैरायटी खत्म नहीं होगी इन्हीं आमों के बीच आज हम आपको एक ऐसे अनोखे वैरायटी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत बाजार में लाखों रुपए हम बात कर रहे हैं मियाजाकी आम की।
नालंदा में दुनिया के सबसे महंगे आम की खेती
आपको बता दे की नालंदा में दुनिया के सबसे महंगे आम की खेती शुरू कर दी गई है और बिहार के नालंदा जिले में चंडी प्रखंड के निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी कि उन्होंने डकनिया गांव में जापान के मशहूर मियाजाकी प्रजाति के आम की खेती शुरू की है। आपको बता दें कि मुकेश और राजकुमार नाम के 2 किसान भाइयों ने मिलकर मियाजाकी आम की खेती शुरू की और उन्होंने साल 2021 में जापान से 2 पौधे मंगवाए थे जिसमें अब फल आ आना आना शुरू हो गया है।

आपको बता दें कि अपने पहले वर्ष की खेती के दौरान इसमें 21 फल लगे थे और इस वर्ष इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है आपको बता दें कि किसान सुरेंद्र की यह इच्छा है कि उनके बगीचे में अलग-अलग किस्म के फल के पौधे लगाए जाए और करीब 3 एकड़ में फैले बगीचे में, अब उनके बेटों ने आम के अलग-अलग किस्म की खेती शुरू कर दी है इसमें मियाजाकी, ब्लैकस्टोन, सीडलेस के प्रजाति के अलावा यहां अन्य फलों के पौधे भी लगाए हैं सेव, इलायची, साबूदाना इनमें से कुछ एक है।
कितने की मिलती है एक आम
मुकेश और रामकुमार ने यह बताया कि भारत में मियाजाकी आम की कीमत करीब 10 हज़ार से ₹21 हज़ार तक है जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत 2 से ढाई लाख रुपए लगाई जाती है मियाजाकी आम,आमों के सबसे महंगे किस्म में से एक है और इसे “ताइयो -नो -टोमागो” और “एग्स ऑफ सनशाइन “के नाम से जाना जाता है।
आपको बता दें कि जहां सामान्यतः आम का वजन 100 ग्राम उससे कुछ अधिक होता है वही एक मियां जाति आम का वजन 900gm से लेकर 1 किलो तक होता है यानी कि एक आम करीब ढाई से 3 लाख रूपये का हो सकता है
CCTV और कुत्ते कर रहे रखवाली
मियाजाकी आम ( Miyazaki Mango) को सुरक्षित रखना भी एक बड़ी चुनौती है , इन आमों की देखभाल के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है, ताकि आम के बगीचे में कोई न पहुंच सके। और इनकी सुरक्षा के लिए cctv कैमरा और छह कुत्ते रखे गए थे, ताकि इन्हें चोरी होने से बचाया जा सके।
आपको बता दें कि मुकेश और राजकुमार ने बताया की मियाजाकी आम की रखवाली के लिए सीसीटीवी कैमरा और डॉग को भी रखना पड़ा है, बीते कुछ समय से हो रहे प्रचार-प्रसार के कारण अब लोगों को इसकी जानकारी हो गई है और हमारे लिए अपने बगीचे की रखवाली करना जरूरी हो गया है।
आम पकने के साथ बदलता है रंग
जनरली आम हरा और सुनहरे पीले रंग का होता है लेकिन मियाजाकी की बात ही अलग है, यह आम पकने के साथ अपना रंग बदलता है। शुरुआत में इस आम का रंग बैंगनी होता है, हालांकि जैसे-जैसे यह पकते हैं इसका रंग भी बदलता जाता है और यह गहरे लाल रंग की हो जाती है।
इसका आकार डायनासोर के अंडे की तरह दिखता है इसे जापान में उगाया जाता है और इसका नाम जापान के एक शहर मियाजाकी के नाम पर ही रखा गया है।इस आम में केवल 15% शुगर होता है।
और इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन और फोलिक एसिड पाया जाता है जिससे विशेषज्ञ इसे स्वस्थ शरीर के लिए बहुत अच्छा मानते हैं।
इस किस्म की आम की खेती के लिए तेज धूप और अधिक वर्षा की आवश्यकता होती है अतः इस फल की खेती अक्सर अप्रैल से अगस्त महीने के बीच होती है और भारत में यह महीने गर्मी और मानसून के मिले-जुले महीने होते हैं।
किसानों के लिए सोना
आपको बता दे की देश में मियाजाकी(Miyazaki Mango)आम को पहले जापान से आयात किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों ने इसे उगाने की कोशिश की और सफलता भी पाई है।
अब इस किस्म की आम बिहार के नालंदा में भी उगाई जा रही है आपको बता दें कि अगर इस आम की खेती बड़ी लेवल पर की जाए तो, यह किसानों के लिए सोना बन सकता है। यानी किसान भाई इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं।
आम की यह किस्म थाईलैंड,फिलिपेंस ,जापान में पाई जाती है और अब इसे भारत में भी उगाया जा रहा है यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्षों में भारत आम के सबसे महंगे किस्म मियाजाकी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए बिल्कुल तैयार होगा।