Bihar Teacher News: बिहार के स्कूलों में पढ़ा रहे 22000 शिक्षकों की नौकरी पर खतरा, जानिए हाईकोर्ट का क्या है फैसला?

Threat to the jobs of 22000 teachers teaching in schools of Bihar

बिहार के स्कूलों में पढ़ा रहे 22000 से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर खतरे के बादल मंडरा रहे है। पटना हाईकोर्ट ने इस सबंध में अहम फैसला भी सुनाया है।

हाइकोर्ट के इस आदेश के बाद से लगभग 22 हजार शिक्षकों की नौकरियां प्रभावित हो सकती है, जिनकी नियुक्ति इस मामले की सुनवाई के दौरान हुई है। आईये जानते है क्या है पूरा मामला?

प्राथमिक कक्षाओं में नहीं होगी बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की नियुक्ति

दरअसल पटना हाईकोर्ट ने यह साफ़ किया कि बिहार मे प्राथमिक कक्षाओं ( कक्षा एक से पांच तक) में बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाएगी।

हाईकोर्ट ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में किया है। हाई-कोर्ट ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं मे डीएलएड डिग्रीधारी शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी।

न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायाधीश राजीव राय की खंडपीठ ने ललन कुमार व अन्य द्वारा बड़ी संख्या मे दायर की गयी रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है।

22000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट

इस मामले पर सुनवाई पूरी करने के बाद पटना हाइकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। जिस पर अब कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।

इस फैसले के बाद से बिहार के लगभग 22000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट है। पटना हाईकोर्ट मे 28 जून 2018 को एनसीटीइ द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती दी गयी थी।

इस अधिसूचना में प्राथमिक कक्षाओं मे बीएड डिग्रीधारी शिक्षको को भी प्राथमिक स्कूलों मे शिक्षको के लिए योग्य माना गया था।

इसी अधिसूचना को देवेश शर्मा बनाम केंद्र सरकार व अन्य के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी गयी थी। मालूम हो की सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिसूचना को रद्द कर दिया था।

दो वर्ष के भीतर छह माह का एक ब्रिज कोर्स

कोर्ट को ऐसा बताया गया था कि एनसीटीइ द्वारा 28 जून 2018 को जो अधिसूचना जारी की गयी है, उसमें बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को भी प्राथमिक कक्षाओं मे नियुक्ति के लिए योग्य कहा गया था।

उसमें कहा गया था कि प्राथमिक स्कूलों मे अगर बीएड का कोर्स किया कोई उम्मीदवार शिक्षक के पद पर नियुक्त होना चाहता है तो उसे प्राथमिक शिक्षा मे दो वर्ष के भीतर छह माह का एक ब्रिज कोर्स करना आवश्यक है।

लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने सर्वेश शर्मा बनाम केद्र सरकार व अन्य के मामले मे एनसीटीइ के उस अधिसूचना को रद्द कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि प्राथमिक कक्षाओं मे पढ़ाने के लिए डीएलएड डिग्रीधारी शिक्षकों को ही नियुक्त किया जाएगा।

24 घंटे के अंदर मांगी छठे चरण मे नियुक्त शिक्षकों की जानकारी

अब पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने छठे चरण मे नियुक्त बीएड डिग्रीधारी की संख्या सभी जिलो से मांगी है।

सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियो से छठे चरण मे नियुक्त शिक्षको से संबंधित जानकारी 24 घंटे के अंदर मांगी है।

इसमें शिक्षकों की संख्या के साथ राज्य के है या राज्य के बाहर के है, उनकी कोटि के साथ सभी जानकारी देने के लिए कहा गया है।

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