बिहार: नहीं पढ़ाने वाले टीचर की जाएगी नौकरी, जानें क्या है नीतीश कुमार का मास्टरप्लान

बिहार में शिक्षा व्यवस्था की लचर हालत किसी से छुपी नहीं है, और इसी को बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नितीश कुमार अपने कार्यकाल में ठीक करना चाहते है। इसी बीच मुख्यमंत्री नितीश कुमार का एक बयान आया है जो काफी चर्चा में है।

सीएम नीतीश ने काम में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ ऐक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से स्कूलों की जांच कराने के लिए कहा है। इतना ही नहीं इसमें यहाँ तक कहा गया है कि जो टीचर बच्चों को नहीं पढ़ाते हैं, उनकी नौकरी जाएगी। वहीं, जो शिक्षक बच्चों को ठीक ढंग से पढ़ाते हैं, उनकी तनख्वाह बढ़ाई जाएगी।

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जी हाँ, शुक्रवार को नितीश कुमार पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में देश के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद की जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचते थे, इस मौके पर उन्होंने बैगलेस सुरक्षित शनिवार का शुभारंभ किया। इसके तहत पहली से आठवीं तक के बच्चे अब शनिवार को बैग लेकर स्कूल नहीं जाएंगे। उनका एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी में ध्यान लगाया जाएगा।

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साथ ही मुख्यमंत्री ने बच्चों के खाते में विभिन्न योजनाओं की राशि के भुगतान का भी शुभारंभ किया। 15 तारीख तक बच्चों के खातों में सरकारी योजनाओं की राशि पहुंच जाएगी। सीएम नीतीश ने यह भी घोषणा की कि बिहार में शिक्षा का बजट का हिस्सा कुल बजट का 25% किया जाएगा। ताकि, शिक्षा का विकास और बेहतर ढंग से हो।

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