Bihar Alcohol Ban: बिहार में जाति जनगणना के बाद शराबबंदी का सर्वे, पता चलेगा कितनों ने छोड़ी शराब? घर-घर पहुंचेगी सरकार

Survey of liquor ban after caste census in Bihar

बिहार में जाति जनगणना की अपार सफलता के बाद राज्य सरकार ने पुरे देश में ऐसा कराने की मांग कर डाली है। अब जातीय सर्वेक्षण के बाद नितीश सरकार शराबबंदी का सर्वे करने जा रही है।

जिसके जरिए सरकार ये जानने की कोशिश करेगी की बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से कितने लोगों ने शराब छोड़ दी है। आईये जानते है राज्य के मुख्यमंत्री ने इस पर क्या कहा है और सरकार का क्या प्लान है?

बिहार में कराया जाएगा शराबबंदी सर्वे

Liquor prohibition survey will be conducted in Bihar
बिहार में कराया जाएगा शराबबंदी सर्वे

बिहार में मौजूद नीतीश सरकार ने शराबबंदी सर्वे के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया हैं। पटना में नशा मुक्ति दिवस के दिन मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने सभा को सम्बोधित करते हुए ये बातें कही है।

उन्होंने कहा की – “शराबबंदी लागू होने के बाद से कितने लोगों ने शराब छोड़ी और कितने लोग शराबबंदी के पक्ष और विपक्ष में हैं? इसका पता चलेगा।” बता दे की इस सर्वे के लिए जो खर्च आएगा, वह राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

बिहार के एक-एक घर का होगा सर्वे

राज्य के मुखिया नितीश कुमार ने बिहार के एक-एक घर का सर्वे करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी चाहे कुछ लोग इसे वापस ही क्यों न लेना चाहें।

इस सर्वे के दौरान बिहार में शराबबंदी के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव की भी जानकारी प्राप्त की जाएगी। इसके साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों के साथ परिवार और समाज पर इसका कैसा असर रहा? इसकी रिपोर्ट भी तैयार होगी।

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बिहार की महिलाओं ने किया शराबबंदी का समर्थन

Women of Bihar supported liquor ban
बिहार की महिलाओं ने किया शराबबंदी का समर्थन

मालूम हो की बिहार में अप्रैल 2016 से ही शराबबंदी लागू है। नशा मुक्ति दिवस पर चीफ मिनिस्टर ने कहा कि – “राज्य सरकार अब तक तीन बार सर्वे करा चुकी है।” इसी साल फरवरी में जारी रिपोर्ट के अनुसार बिहार की 99 प्रतिशत महिलाओं ने शराबबंदी का समर्थन किया था।

इसके अलावा राज्य के 92 प्रतिशत पुरुष आबादी भी शराबबंदी के पक्ष में बताए गए थे। इस सर्वे रिपोर्ट में बताया गया था कि राज्य के लगभग 96 प्रतिशत लोग शराब पीना छोड़ चुके है।

बता दे की चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान के शोध पदाधिकारियों के सहयोग से चार हजार लोगों पर 2022 में यह सैंपल सर्वे तैयार किया था।

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शराब बहुत खराब: सीएम नीतीश

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि – “शराब बहुत खराब है। पुलिस अवैध शराब तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। और हर रोज तस्करों की गिरफ्तारी भी होती है।

लेकिन पुलिस विभाग के भी कुछ लोग गड़बड़ी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।”

वहीं इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के डीजीपी आरएस भट्टी को न बुलाने पर मुख्यमंत्री ने ने नाराजगी जताते हुए कहा कि – “बिहार पुलिस के मुखिया को भी इस मौके पर बुलाया जाना चाहिए था।”

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