Bihar AI: बिहार में Artificial Intelligence के सहारे पुख्ता होगी जेलों की सुरक्षा, जानिए कैसे काम करती है यह तकनीक

Security of jails will be strengthened with the help of Artificial Intelligence in Bihar

वर्तमान समय में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का उपयोग हर क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बिहार भी इससे अछूता नहीं रहा है। अब बिहार के जेलों की सुरक्षा को एआई के जरिए और पुख्ता किया जा रहा है।

बिहार के कुल 51 जेलों में सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जाएगा। आईये जानते है की आखिकार ये तकनीक कैसे काम करती है और किन जेलों में ये सुविधा लगाई जा रही है?

जेलों में लगेंगे AI तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के 51 जेलों में एआई से लैस 4752 कैमरे लगाए जाएंगे। बिहार के जेलों में लगने वाले इन कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए पटना सचिवालय में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है।

कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से सभी जेलों की गतिविधि देखी जा सकेगी। केंद्रीय कारा पूर्णिया के अधीक्षक राजीव कुमार झा ने बताया कि एआई तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे से जेलों की सुरक्षा व्यवस्था बहुत मजबूत होगी।

कैसे काम करेगा यह तकनीक?

रात के समय प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या किसी व्यक्ति के मूवमेंट होने पर जेलों में लगे ये कैमरे उसे नोटिस करेगा और बीप-बीप का सायरन बजेगा। इससे जेल प्रशासन अलर्ट मोड में आ जाएगा। एआई के सहारे सीसीटीवी कैमरा प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ जुटने का पता लगाएगी।

अगर बहुत सारे लोग एक ही स्थान पर एकत्रित हो रहे हैं तो सिस्टम पहचान लेगा। इसके बाद संभावित सुरक्षा खतरों का संकेत भी देगा। कैदियों की मनमानी और संदिग्ध व्यवहार का भी पता चलता रहेगा।

इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति में सिस्टम गहन शिक्षण आधारित एआई मॉडल का उपयोग करके वास्तविक समय में जेल के अंदर लोगों को सचेत करने के लिए तत्काल घोषणा या सायरन बजाएगा।

आपको बता दे की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन और भीड़ की निगरानी में किया जा चुका है। जेल परिसर के भीतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने का उद्देश्य सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।

बिहार में है कुल 59 जेल

बिहार में कुल 8 केंद्रीय कारा, 33 मंडल कारा, 17 उपकारा व एक ओपेन जेल सहित कुल (Total Jails In Bihar) 59 जेल हैं। इनमें से आठ को छोड़कर सभी जेलों में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। जरूरत के अनुसार सीसीटीवी कैमरा की संख्या घटाई या बधाई भी जा सकती हैं।

बिहार के 51 जेलों में लगाए जाएंगे 4752 कैमरे

4752 cameras will be installed in 51 jails of Bihar
बिहार के 51 जेलों में लगाए जाएंगे 4752 कैमरे
  • आदर्श कारा बेउर: 262
  • फुलवारीशरीफ जिला कारा: 80
  • बिहारशरीफ मंडल कारा: 99
  • हाजीपुर मंडल कारा: 105
  • बाढ़ उप कारा: 36
  • पटना सिटी उप कारा: 15
  • दानापुर उप कारा: 16
  • हिलसा उप कारा: 36
  • मसौढ़ी उप कारा: 45
  • केंद्रीय कारा बक्सर: 180
  • भभुआ मंडल कारा: 100
  • सासाराम मंडल कारा: 118
  • आरा मंडल कारा: 203
  • बक्सर महिला मंडल कारा: 16
  • बक्सर ओपेन कारा: 10
  • मोतिहारी केंद्रीय कारा: 233
  • बेतिया मंडल कारा: 131
  • गोपालगंज मंडल कारा: 101
  • सिवान मंडल कारा: 88
  • छपरा मंडल कारा: 99
  • बगहा उप कारा: 49
  • मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा: 225
  • दरभंगा मंडल कारा: 91
  • मधुबनी मंडल कारा: 84
  • सीतामढ़ी मंडल कारा: 93
  • समस्तीपुर मंडल कारा: 117
  • शिवहर मंडल कारा: 68
  • दलसिंहसराय उप कारा: 43
  • बेनीपुर उप कारा: 43
  • झंझारपुर उप कारा: 37
  • रोसड़ा उप कारा: 60
  • बेनीपट्टी उप कारा: 37
  • केंद्रीय कारा पूर्णिया: 137
  • कटिहार मंडल कारा: 106
  • किशनगंज मंडल कारा: 95
  • अररिया मंडल कारा: 101
  • सुपौल मंडल कारा: 70
  • मधेपुरा मंडल कारा: 54
  • सहरसा मंडल कारा: 94
  • वीरपुर उप कारा: 28
  • उदाकिशुनगंज उप कारा: 49
  • केंद्रीय कारा भागलपुर: 161
  • खगड़िया मंडल कारा: 93
  • बेगूसराय मंडल कारा: 101
  • नवगछिया उप कारा: 37
  • महिला कारा: 31
  • विशेष केंद्रीय कारा भागलपुर: 201
  • मुगेंर मंडल कारा: 110
  • गया केंद्रीय कारा: 229
  • जहानाबाद मंडल कारा: 123
  • शेरघाटी उप कारा: 53

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है?

इंटेलिजेंस मशीनों में सोचने समझने व निर्णय लेने की क्षमता है। जिस तरह से इंसान अपने दिमाग की मदद से निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इसी तरह मशीनें भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से निर्णय लेने में सक्षम होती हैं।

एआई तीसरी आंख और वाइस सेंसर से मिले आंकड़े की विवेचना करने में सक्षम होंगे। संदिग्ध गतिविधियों के बारे में रियल टाइम सूचना अधिकारियों तक पहुंचेगी। इससे जेल का निगरानी तंत्र मजबूत होगा।

फेस रिकग्निशन तकनीक की मदद से कैदियों की पूरी दिनचर्या का पता कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हिंदी में (Artificial Intelligence In Hindi) कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते हैं। जिसका मतलब है बनावटी यानी कृत्रिम तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता।

और पढ़े: बिहार में सरकारी नौकरी का ऐसा क्रेज, जेल में कैदी कर रहे कंपीटिशन की तैयारी, खान सर से करते है ऑनलाइन क्लास

और पढ़े: AI ने बदल डाली बिहार की किस्मत, 65 साल में पहली बार 422 करोड़ का हुआ फायदा, जानिए कैसे भरा सरकार का खजाना

और पढ़े: AI For Money: एआई की मदद से आप भी कमा सकते है लाखो रूपए, जानिए ये 7 तरीके जिनसे होगी बंपर कमाई