Bihar Teacher Recruitment: माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में नहीं भरेंगी सीटें, इस विषय में होगा तगड़ा कम्प्टीशन, जानिए वजह
बिहार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के कई विषयों में कुल सीट के बराबर भी शिक्षक नहीं मिलेंगे। वहीँ कुछ ऐसे भी विषय है जिनमें अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी।
बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की ओर से ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा में जितने पदों का सृजन किया गया हैं, उस हिसाब से कई विषयों में अभ्यर्थियों की संख्या बहुत ही कम है। ऐसे में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक दोनों में नियुक्ति के बाद भी पद खली रह जाएंगे। आईये जानते है क्या है वजह?
बचे हुए पदों के लिए दोबारा परीक्षा
दरअसल बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि – “माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में कुछ विषयों को छोड़कर कई विषयों में अभ्यर्थी अगर सिर्फ तय अर्हता अंक प्राप्त कर लेंगे तो सफल हो जाएंगे।
बचे हुए पदों के लिए दोबारा परीक्षा यानि बिहार शिक्षक नियुक्ति का दूसरा चरण आयोजित करानी होगी। इधर, बिहार बोर्ड ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा के लिए आवेदन प्राप्त कर लिया है।” इससे पहले हमने आपको बताया था की बिहार शिक्षक भर्ती में कई विषयों में कड़ी टक्कर होगी तो वहीँ कुछ विषयों में कैसा हाल रहेगा?
इस बार एसटीईटी पास अभ्यर्थियों को ही मिला मौका
गौरतलब है की बीपीएससी ने इस बार एसटीईटी (STET) पास अभ्यर्थियों को ही परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया था। वर्ष 2019 ने बिहार बोर्ड माध्यमिक (9वीं से 10वीं) में सात विषयों की परीक्षा आयोजित की थी।
जिसमें एक लाख 33 हजार 293 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, वहीं 53,715 अभ्यर्थी अलग-अलग विषयों में सफल हुए थे। उच्च माध्यमिक (11वीं से 12वीं)में आठ विषयों की परीक्षा हुई थी। परीक्षा में 45,284 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, सफलता 26,687 को मिली थी।
इस विषय में होगा सबसे ज्यादा कम्प्टीशन
शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में माध्यमिक (9वीं से 10वीं) सामाजिक विषय में सबसे अधिक कम्प्टीशन है। सामाजिक विज्ञान विषय में कुल पदों की संख्या 5425 है, जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 26 हजार से अधिक है।
इसी प्रकार विज्ञान में पदों की संख्या 5425 है और अभ्यर्थियों की संख्या 6 हजार से अधिक है। गणित में पदों की कुल संख्या 5425 है, आवेदकों की संख्या 7 हजार से अधिक है।
वहीँ उर्दू में 2300 सीटें और अभ्यर्थी हजार के करीब हैं। इन्हीं चार विषयों में कटऑफ के अनुसार नियुक्ति होने की संभावना है।
हिन्दी में पदों की संख्या 5486, अंग्रेजी में 5425, संस्कृत में 2839 पद हैं, जबकि अभ्यर्थियों की संख्या कम है। इन विषयों में सिर्फ क्वालीफाई करने वाले की नौकरी पक्की है। माध्यमिक शिक्षकों के कुल 32,916 पदों पर नियुक्ति होनी है।
इन अभ्यर्थियों की नौकरी पक्की
बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति में उच्च माध्यमिक में पदों की कुल संख्या 57,616 है, जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 39 हजार है। बिहार बोर्ड ने वर्ष 2019 में सिर्फ (11वीं से 12वीं) में आठ विषयों की परीक्षा ली थी।
उच्च माध्यमिक में कंप्यूटर साइंस में पदों की संख्या 8395 है, जबकि परीक्षा में 17 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसी तरह से गणित में 2673 पद हैं, परीक्षा में लगभग 2700 अभ्यर्थी शामिल हुए।
शेष अन्य विषयों जैसे, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन शास्त्र, अंग्रेजी, मैथिली और भौतिकी में पद से कम अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। ऐसे में इन विषयों के अभ्यर्थी यदि तय अर्हता लायक अंक प्राप्त कर लेंगे तो उनकी नौकरी पक्की है।
रिजल्ट से पहले दस्तावेज सत्यापन की वजह
वहीं 2019 में 11वीं और 12वीं के लिए सामाजिक विज्ञान के विषयों सहित कई विषयों की परीक्षा नहीं हुई थी। इस वजह से रिक्त पदों की संख्या के अनुसार पद नहीं भरेंगे। यही वजह है आयोग ने चार सितंबर से लेकर 12 सितंबर तक रिजल्ट के पहले ही शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच कराने का निर्देश दिया है।

