बिहार में भू-सर्वेक्षण के लिए 10,101 कर्मियों की होगी नियुक्ति, सभी अंचलों में होंगे स्थायी सीओ

बिहार के सभी अंचलों में अब प्रभार वाले अंचलाधिकारी नहीं होंगे। बल्कि सभी जगहों पर स्थायी अंचलाधिकारियों की पोस्टिंग की जाएगी। अगले महीने से यह व्यवस्था लागू हो जायेगी। भू-सर्वेक्षण के लिए कुल 10,101 कर्मियों का प्रशिक्षण अगस्त से शुरू हो जायेगा।
फिलहाल इनकी बहाली प्रक्रिया जारी है जो जुलाई के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। इनके माध्यम से भू-सर्वेक्षण पूरा होने के बाद चकबंदी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक मेहता ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार राजस्व अधिकारी भी 3 साल के बाद अंचल अधिकारी का दर्जा प्राप्त कर लेते हैं। दाखिल खारिज की सभी लंबित मामलों का निपटारा अगले तीन महीने में करने का सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
पूरी तरह से गोपनीय रहेगी प्रक्रिया
मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा है कि – “राज्य में नई या पुरानी जमाबंदी केवल अंचलअधिकारी सीधे तौर पर नहीं कर सकेंगे। किसी जमीन की नई जमाबंदी को करने से पहले राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट और राजस्व अधिकारी की जांच के बाद एडीएम का अनुमोदन जरूरी होगा।”
यह प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। एडीएम के अनुमोदन के बाद ही अंचल अधिकारी नई जमाबंदी कर सकेंगे।
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नहीं हो सका था 9.65 लाख जमाबंदी का डिजिटाइजेशन
वहीं पुरानी जमाबंदी में संशोधन के पहले राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट, राजस्व अधिकारी की जांच पर डीसीएलआर अनुमोदन करेंगे। उसी आधार पर अंचल अधिकारी जमाबंदी कर सकेंगे। यह व्यवस्था राज्य में लागू हो चुकी है।
बिहार में लगभग 9.65 लाख जमाबंदी का डिजिटाइजेशन नहीं हो सका था। परिमार्जन सहित जनप्रतिनिधियों और विधानसभा के प्रश्नों के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका मकसद बार-बार होने वाले परिमार्जन को रोकना है।