बिहार में CHO में जनरल की क्यों नहीं होगी बहाली? जानिए स्वास्थ्य विभाग की भर्ती का पूरा मामला

बिहार के स्वास्थ्य विभाग में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नई भर्ती आई हुई है। जिसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) के 4500 पदों पर बहाली के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
लेकिन इसमें जनरल केटेगरी यानि अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए वेकेंसी की संख्या जीरो है। जिसके वजह से यह बहाली सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे है।
एनडीए सरकार में रोजगार और नौकरी की गारंटी

बिहार के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सम्राट चौधरी ने इस बहाली को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके लिखा है – “एनडीए सरकार में रोजगार और नौकरी की गारंटी। भर्ती में 3566 पुरुष और 934 महिला के पदों के लिए बहाली निकली है।”
इस भर्ती के लिए बीएससी नर्सिंग पास पुरुष और महिला उम्मीदवार 01 अप्रैल 2024 से आवेदन कर सकेंगे। वहीँ आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2024 तक निर्धारित की गई है।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग में आई है नई भर्ती
बिहार स्वास्थ्य विभाग के लिए आए 4500 पदों में अति पिछड़ा (ईबीसी) पुरुष के लिए 1345 और अति पिछड़ा महिला के लिए 331 पद के लिए वेकेंसी आई है। जिसमें पिछड़ी जाति के पुरुषों के लिए 702 और महिलाओं के लिए 259 पद आए हैं।

जबकि अनुसूचित जाति (एससी) के पुरुषों के लिए 1279 और औरतों के लिए 230 रिक्ति निकली है। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के पुरुष के लिए 95 और महिलाओं के लिए 36 पद आए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) के पुरुषों के लिए 145 और महिलाओं के लिए 78 पदों पर बहाली निकली है।
“आरक्षण की राजनीति से समाज और शिक्षा की गुणवत्ता बर्बाद”
लेकिन विभिन्न समाचार पत्रों में छपे इस भर्ती विज्ञापन में जनरल केटेगरी यानी अनारक्षित वर्ग के लिए एक भी सीट नहीं दिखाने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी टीका-टिप्पणी की जा रही है।
फेमस बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने इस विज्ञापन को ट्वीट करते हुए लिखा है कि – “आरक्षण की राजनीति समाज और शिक्षा की गुणवत्ता को बर्बाद कर रही है।”
बिहार में CHO में जनरल की क्यों नहीं होगी बहाली?
लेकिन विज्ञापन में सामान्य वर्ग के वेकेंसी की संख्या जीरो होने पर जो बहस छिड़ी हुई है वो असलियत में अन्यथा भ्रम पैदा हो जाने के कारण हुआ है। सच्चाई यह है कि पहले से अनारक्षित कोटि की सीट भरी हुई हैं, जिस वजह से इस वर्ग के लिए रिक्ति नहीं आई है।
मालूम हो की पहले से भरी सीटों को भी काउंट कर रोस्टर के हिसाब से कोटिवार रिक्ति बनाई जाती है, इसलिए किसी-किसी कोटि में रिक्ति नहीं है। इस वजह से बिहार स्वास्थ्य विभाग में CHO में जनरल की बहाली नहीं होगी।
This vulgarly exploitative politics around reservations is damaging our society and the quality of education, and it will eventually destroy India.
Today, they are provoked to fight with Unreserved category, soon communities will be provoked to fight within the reserved… pic.twitter.com/TLZV5PyIxP
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) March 11, 2024
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