खुशखबरी: योगी जी के गढ़ गोरखपुर से बिहार-बंगाल तक बनेगा नया रेल रूट, जानिए पूरी डिटेल्स

News Railway Route:भारतीय रेलवे विभाग लगातार ट्रेन परिवहन को सभी क्षेत्रों में फैलाने में लगा हुआ है, जिसके लिए भारत के अलग-अलग क्षेत्र में कई प्रकार के विकास के कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें से एक कार्य है रेलवे रूट का निर्माण, और आपको बता दें कि हाल ही में आई खबर के मुताबिक गोरखपुर से बिहार-बंगाल तक एक नए रेल रूट का निर्माण किया जाने वाला है।
इस नए रेल रूट के निर्माण से कई प्रकार की समस्याओं का समाधान होगा। जिसमें अलग-अलग राज्यों और जिलों से आने वाले ट्रेन ट्राफिक का दबाव बहुत कम हो जाएगा।
एक और अच्छी बात यह होगी की लोगों को मनचाही जगह के लिए ट्रेन पकड़ने में परेशानी का सामना नहीं करनी पड़ेगी। चलिए अब आपको बताते हैं कब तक और कैसे बनकर तैयार होगा यह नया रेल रूट।
कब तक बन जायेगा यह नया रेल रूट
गोरखपुर से बिहार-बंगाल में बनने वाले रेल रूट परियोजना को हरी झंडी मिल गई है, और इस परियोजना में जल्दी ही काम शुरू होने वाला है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले सालों में ये बनकर तैयार हो जायेगा । इस नए रेल रूट के बनने से गोरखपुर से बिहार तक आवागमन आसान होगा और अब गोरखपुर स्टेशन को पटना स्टेशन से जोड़ा जा सकेगा।
इसके गोरखपुर से बिहार तक होने के कारण अब गोरखपुर स्टेशन को भी पटना स्टेशन से जोड़ा जाएगा। पर ऐसा कहा जा रहा है कि यह परियोजना सहजनवा दोहरीघाट रेल रूट नामक परियोजना पूरी होने के बाद संभव होगी।
क्या-क्या होंगे फायदे
इस गोरखपुर बिहार-बंगाल रेल रूट बनने से कई तरह के फायदे होंगे, सबसे पहले तो इन स्थानों के बीच आवागमन करने वाले ट्रेनों पर दबाव कम पड़ेगा। और हाल ही में बनकर तैयार हुए ताड़ीघाट गंगा पुल बनकर तैयार हुआ है, जिसे सीआरएस के निरीक्षण के बाद सभी के लिए प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जहां पटना जंक्शन से गोरखपुर पहुंचने के लिए ट्रेन को दिलदारनगर जंक्शन, दरौली, जमानिया, मुगलसराय, वाराणसी से होते हुए फिर गाजीपुर पहुंचती थी और फिर गोरखपुर। पर वही अब इस रेल रूट के माध्यम से गोरखपुर से बिहार का एक अलग रेल रूट तैयार हो जाएगा।
सहजनवा-दोहरिघाट परियोजना
आपको बता दें यह सहजनवा और दोहरिघाट दो स्थानों के बीच रेल मार्ग तैयार किया जा रहा है। और इसके बन जाने के बाद वाराणसी, बिहार और बंगाल के लिए एक नया रेलवे ट्रैक तैयार हो जाएगा।
और जैसा कि अब इस प्रोजेक्ट को एक स्पेशल प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है, तो इस कारण इस रेल मार्ग का काम भी बहुत ही तेजी से हो रहा है। और इस रेलमार्ग के चलते दक्षिणांचल में आयात निर्यात सुगम हो जाएगा जिससे व्यापार और माल ढुलाई जैसे काम आसान हो जाएंगे।