शादी करने की सोच रहे हैं तो जाने बिहार सरकार की नई योजना, सरकार की ओर से मिलेंगे ₹2.5 लाख

हम सभी तो जानते ही हैं कि भारत में हर साल कितनी ज्यादा शादियां होती है। और आपको भी किसी ने किसी शादी में जाने का मौका तो जरूर मिलता होगा, और हम सभी शादियों में स्वादिष्ट भोजन और आज कल रील्स बना के खूब मजा भी लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार में आपको शादी करने पर भी सरकार से लाखों रुपए में सकते हैं? चलिए आपको बताते हैं बिहार सरकार की अनोखी पहल-
आप तो जानते ही होंगे कि भारत में सैकड़ों सालों से यह प्रथा चली आ रही है कि जिस लड़के और लड़की की शादी हो रही है उनका एक ही जाति का होना जरूरी है।अगर ऐसा नहीं होता है और अलग-अलग जाति के दो लोग आपस में शादी करते हैं, तो उन्हे बहुत ही खराब नजरों से देखा जाता है।
आपको बता दें इसे Inter-caste Marriage कहते हैं, बड़े शहरों में तो अब यह एक आम बात हो गई है पर अब भी कई छोटे शहरों और गांवों में इस चीज को लेकर बहुत मतभेद होते रहते हैं। वहीं बिहार की बात करें तो सरकार इस इंटर-कास्ट मैरिज को बढ़-चढ़कर बढ़ावा दे रही है, साथ ही प्रोत्साहन के रूप में राशि भी प्रदान कर रही है।
Bihar Inter-caste Marriage Scheme

आज के समय में भी इस चीज को लेकर समाज में काफी बवाल होता है, जहां एक तरफ से बहुत ही गलत बताया जाता है। वहीं दूसरी ओर जातिवाद और अन्य जाति के प्रति हीनता की भावना को खत्म करने के लिए बिहार सरकार लगातार लोगों को इंटर-कास्ट मैरिज के लिए अलग-अलग तरह से प्रोत्साहित कर रही है।
इसके लिए कई योजनाएं भी निकाली गई है जिसमें अनुसूचित जाति में शादी करने वाले को सहायता राशि के रूप में सरकार की तरफ से करीब ₹2.5 लाख रुपए भी दिए जाते हैं।अगर कोई ऐसी योजना का फायदा उठाना चाहता है, तो इसके लिए किसी एक लड़की या लड़के को अनुसूचित जाति का होना चाहिए।
इसके लिए उनकी शादी का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है, इसके अलावा कुछ और मापदंड निर्धारित किए गए हैं, और अगर आप इन पर खरे उतरते हैं तो ही आपको यह सहायता राशि प्रदान की जाएगी। चलिए जानते हैं इस योजना की अन्य जानकारियां-
योजना के लिए आवश्यक मापदंड
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको कई नियमों का पालन करना पड़ेगा, जिसमें सर्वप्रथम नियम यह है कि लड़की को बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है। और शादी कर रहे लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होनी ही चाहिए, और सबसे जरूरी नियम लड़का या लड़की में से कोई एक पक्ष अनुसूचित जाति का होना चाहिए, और दूसरा पक्ष ओबीसी या फिर एक सामान्य जाति का हो सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
आपको बता दें विवाह के बाद एक साल के भीतर-भीतर आप इस योजना के आवेदन के लिए “अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना” के पोर्टल पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। और इसे अच्छे से भर के साथ ही कुछ जरूरी दस्तावेज के साथ सभी चीजों को पास के सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज:-
- शादी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- लड़के और लड़की दोनों का जाति प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाता नंबर और
- मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से जमा कराने होंगे।