बिहार में प्राचीन विक्रमशिला की खुदाई शुरू, विक्रमशिला के नाम से बनेगा केंद्रीय विश्वविद्यालय

Excavation of ancient Vikramshila begins in Bihar

बिहार अपने गौरवशाली इतिहास के वजह से जाना जाता है। अब खबर है की बिहार के भागलपुर में प्राचीन विक्रमशिला के बचे हुए भाग की खुदाई शुरू कर दी गयी है। प्राचीन विक्रमशिला के अवशेष जंगलेश्वर टीला की खुदाई पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है।

बता दे की विक्रमशिला विश्वविद्यालय प्राचीनकाल में लगभग चार सौ वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाली भारत की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। अब इसके नाम से जल्द ही केंद्रीय विश्वविद्यालय भी बनने वाला है।

तिब्बती मंदिर जैसे भवन होने के संकेत मिले

गौरतलब है की पिछले सप्ताह इस जंगलेश्वर टीले पर खुदाई के लिए भूमि पूजन किया गया था। पुरातत्व विभाग से आये बिरेंद्र कुमार ने इस कार्य का विधिवत शुभारंभ किया था।

वहीं खुदाई के दौरान अब तरह-तरह की चीजें देखने को मिल रही हैं। यहाँ पर खुदाई कर रही टीम को दूसरे लेयर की खुदाई के दौरान तिब्बती मंदिर जैसे भवन होने के संकेत भी मिले हैं।

Excavation of ancient Vikramshila Jangeleshwar mound begins
प्राचीन विक्रमशिला के जंगलेश्वर टीले की खुदाई शुरू

हालांकि, खुदाई का काम फिलहाल अभी जारी है। खुदाई स्थल पर भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग के मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जंगलेश्वर टीले की खुदाई होने से विक्रमशिला से जुड़ी और भी कई चौंकाने वाली जानकारी मिल सकती है।

खुलेंगी विक्रमशिला के इतिहास की नयी परतें

खुदाई कर रहे अधिकारियों की मानें तो जंगलेश्वर टीले की खुदाई से पुरातत्व विभाग को भी काफी उम्मीद है। बताया कि जैसे-जैसे इस टीले की खुदाई होती जायेगी, विक्रमशिला के इतिहास की नयी परतें खुलती जायेंगी।

खुदाई करा रही टीम के अनुसार तीन लेयर की खुदाई होने के बाद ही कुछ आकार समझ में आएगा। मालूम हो कि लगभग 20 एकड़ में फैले इस जंगलेश्वर टीले की अभी शुरुआत में 40-40 मीटर के क्षेत्रफल की ही खुदाई का काम किया जा रहा है।

खुदाई को लेकर आसपास के ग्रामीणों में काफी खुशी

जबकि काफी बड़े भू-भाग की खुदाई का कार्य अभी बाकी है। मालूम हो कि पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग के पुरातत्वविद गौतमी भट्टाचार्य के नेतृत्व में विभाग के सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद बोध गया संग्रहालय से आये विरेन्द्र कुमार की टीम की देखरेख में खुदाई का काम कराया जा रहा है।

इतिहासकार और भागलपुर के पूर्व डीपीआरओ शिवशंकर सिंह परिजात के अनुसार जंगलेश्वर टीले की खुदाई में प्राचीन धरोहर में दफन पुरातात्विक सामग्री प्राप्त हो सकती है।

ज्ञात हो कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने जंगलेश्वर टीले की खुदाई के लिए सदन में आवाज उठायी थी। अंतत: हाल में इसके लिए एक नये अध्याय की शुरुआत की गयी। इस खुदाई को लेकर आसपास के ग्रामीणों में काफी खुशी देखी जा रही है।

विक्रमशिला के नाम से बनेगा केंद्रीय विश्वविद्यालय

बिहार सरकार द्वारा प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए चिह्नित जमीन की सूची केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। इससे पहले ही 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने विक्रमशिला के नाम से केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण करने के लिए 500 करोड़ रूपए देने का एलान किया था।

इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को जमीन मुहैया कराने का आदेश दिया था। अब बिहार सरकार ने विक्रमशिला के पास ही 200 एकड़ जमीन चिह्नित किया है, और सरकार को सेंट्रल युनिवर्सिटी के निर्माण हेतु सारे कागजात भेजे जा चुके हैं।

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