स्वाद बिहार का: विदेशों तक छा रहा है “धनरूआ की लाई”, CM नीतीश भी है इसके दीवाने

राजधानी पटना से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है धनरूआ, और यहाँ मिलने वाली शुद्ध खोवे से बनी स्वादिष्ट लाई न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है।

धनरूआ में लाई की दर्जनों दुकाने हैं जिससे आज यहाँ की पहचान लाई के साथ ही जुड़ गया है, यह पटना के रास्ते से बोधगया जाने के बीच मे पड़ता है।

धनरूआ के लाई की खुशबू अब विदेशों तक पहुंच रही है, तो आज के इस पोस्ट में हम आपको बिहार के इसी खास मिठाई के बारे में जानकारी देने जा रहे है –

विदेशों तक पहुंच रही खुशबु

लाई दुकानदार बताते हैं की चीन व जापान के लोग इस लाई को काफी पसंद करते हैं, बोधगया जाने के क्रम में विदेशी लोग उन्हें ऑर्डर दे देते हैं और वापस जाने के वक्त यहां से भरपूर लाई ले जाते हैं।⁣

दुकानदार बताते है कि सुबे के मुखिया नीतीश कुमार जब कभी इस रास्ते से गुजरते हैं तो लाई लेना कभी नहीं भूलते

दशकों पहले शुरू हुआ था कारोबार

स्थानीय लोग बताते है कि यहाँ लाई बनाने की शुरुआत साल 1984 में पंडितगंज के रहनेवाले सीताराम साहू ने की थी।

वैसे तो यहाँ कोई 25 से 30 दुकानें है किंतु ‘विजय लाई भंडार’ यहाँ की सबसे पुरानी दुकान है। सीताराम साहू इसी दुकान के मालिक थे। धीरे-धीरे यह लाई धनरूआ की पहचान बने गई।

जानिए कितनी है कीमत

शुरुआती दौर में इस लाई की कीमत 20 से 25 रुपए प्रति किलो थी, लेकिन आज इसकी कीमत 300 रुपए से लेकर 400 रुपए तक है।

ऐसे बनता है लाई

धनरूआ की प्रसिद्ध लाई बनाने के लिए खोया और चीनी आदि सामग्रियों की जरूरत पड़ती है। सबसे पहले खोया तैयार किया जाता है। फिर खोये में चीनी, किशमिश, काजू आदि मिलाकर उसके गोले बनाए. जाते हैं और उन्हें कुछ समय तक सुखायां जाता है। इसके बाद लाई खाने और बिक्री के लिए तैयार हो जाती है।

यदि आप कभी बिहार जाते हैं, तो धनरूआ लाई का स्वाद जरूर लें। यह मिठाई निश्चित रूप से आपको निराश नहीं करेगी।