बिहार में खुला सबसे सस्ता टायर दुकान, कम पैसों में पुराने टायर को करें नया; देखे प्राइस

Tire Repair Shop Patna: हम बिहारीयों के लिए गाड़ी कोई साधन मात्र नहीं बल्कि परिवार का एक सदस्य होती है, एक गाड़ी पूरे परिवार की शान होती है और अगर उस पर एक खरोच भी आ जाए तो रातों की नींद उड़ जाती है।
और अगर गलती से इसके टायर में कोई दिक्कत आए तो वह एक अलग झंझट होती है,लेकिन अगर हम आपको बताएं कि आप अपनी गाड़ी का टायर सालों साल ब्रांड न्यू रख सकते हैं वह भी बिना उसे बदले, इसे सुनकर आप चौंक गए होंगे! तो चलिए आपको बताते हैं राजधानी पटना के एक ऐसी फैक्ट्री के बारे में जहां, पुराने टायरों को फिर से ब्रांड न्यू बनाया जाता है।
रीसाइक्लिंग द्वारा पुराने टायरों को नया
हम बात कर रहे हैं रीसाइक्लिंग के द्वारा पुराने टायरों को बिल्कुल नया बनाने की। पटना के दीदारगंज में टायर रीसाइकलिंग फैक्ट्री लगाई गई है जहां आप मात्र 12 से 15 घंटे के अंदर ही अपने पुराने टायरों को एक बार फिर से बिल्कुल नए टायर में बदल सकते हैं और समय के साथ अपने पैसे की भी बचत कर सकते हैं चलिए जानते हैं कि कैसे आपके पुराने टायरों को बिल्कुल ब्रांड न्यू बनाया जाता है।
पटना टायर रीसाइक्लिंग शॉप के मालिक पप्पू राय ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में चार पहिया वाहनों के लिए टायर रिपेयरिंग का काम होता है जहां रीसाइक्लिंग करके एक पुराने टायर को फिरब्रांड न्यू से बना दिया जाता है।
और इस पूरी प्रक्रिया में वॉशिंग, क्लीनिंग, इंस्पेक्शन, रबरिंग, सोलिंग के साथ इलेक्ट्रिक चैंबर में पकाने तक का कार्य किया जाता है और यह सभी कार्य एक्सपोर्ट की देखरेख में किया जाता है।
छोटी गाड़ियों से लेकर ट्रक टायर
आपको बता दें कि इस रिपेयरिंग टायर फैक्ट्री में स्कॉर्पियो और कार से लेकर ट्रक तक के टायर्स को रिपेयर किया जाता है और इसके लिए कूल रिसोल टेक्निक का इस्तेमाल होता है।
यहां पर स्कार्पियो के टायर 2500 में बना दिया जाता है और बड़े ट्रक और ट्रैक्टर के टायर को बनाने में लगभग ₹5000 का खर्च आता है। इसके अलावा ग्राहक अपने अपने पसंद के हिसाब से अलग-अलग घाट वाले रबड़ के डिजाइन में टायर पर लगने वाले रबड़ चुन सकते है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी कदम
आपको बता दें कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और पर्यावरण संरक्षण के लिए परिवहन विभाग लगातार अपने नियमों में संशोधन करता रहता है। और वाहनों से होने वाले एक्सीडेंट का एक बड़ा कारण घिसे हुए टायर है।
इसीलिए समय रहते टायर रीसाइक्लिंग करवा लिया जाए तो टायर की लाइफ बढ़ती है और दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकता है इसके अलावा शायरों की रीसाइक्लिंग से नए टायर कम बनाने होंगे और इससे प्रदूषण भी कम होगा।