Bihar TRE 2023: बिहार शिक्षक भर्ती फॉर्म में करे सुधार, BPSC ने जारी किया नोटिस, करेक्शन से पहले जान लीजिए ये 4 नियम
बिहार में 1.70 लाख शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार के लिए विंडो आज से खुल जाएगा। अगर आप भी बिहार शिक्षक नियुक्ति के अभ्यर्थी है तो इस खबर को ध्यान से पढ़े ताकि आपको फॉर्म एडिट करने में कोई दिक्कत नहीं हो।
अभ्यर्थी 1 सितंबर से 3 सितंबर के बीच अपने आवेदन पत्र में जन्मतिथि, दिव्यांगता की प्रकृति, आरक्षण कैटेगरी, जाति, पता, शैक्षणिक व प्रशिक्षण योग्यता संबंधित डिटेल्स में हुई गलती को सुधार सकते हैं। BPSC ने इसके लिए नोटिस जारी कर दिया है। लेकिन करेक्शन करने से पहले आईये जान लेते है ये 4 नियम।
बीपीएससी ने जारी किया एक और नया नोटिस
दरअसल बीपीएससी ने शिक्षक भर्ती के लिए 31 अगस्त को एक और नया नोटिस जारी किया है। जिसमें आयोग ने कहा है कि आवेदन पत्र की डिटेल्स में सुधार का यह अवसर प्राथमिक विद्यालय अध्यापक अभ्यर्थी सहित सभी अभ्यर्थियों के लिए है।
आयोग ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय अध्यापक अभ्यर्थी जिनको अपने बीएड सर्टिफिकेट को डीएलएड में बदलना है, उनको इसके लिए बाद में सूचित किया जाएगा।
बीपीएससी ने बताए 4 नियम
बीपीएससी ने शिक्षक भर्ती फॉर्म को एडिट करने से पहले अभ्यर्थियों के लिए 4 महत्वपूर्ण नियम बताए है। जो की निम्न है:
1. शिक्षक भर्ती एप्लीकेशन फॉर्म की डिटेल्स में सुधार का यह अवसर प्राथमिक विद्यालय अध्यापक अभ्यर्थी सहित सभी अभ्यर्थियों के लिए है।
2. अभ्यर्थी द्वारा समर्पित कागजाों के अनुरूप ही डिटेल्स में सुधार करना है। ऐसी कोई भी डिटेल्स नहीं डालनी है जो पूर्व में समर्पित कागजाों से अलग हो। किसी भी डिटेल्स और समर्पित कागजातों में अंतर होने से डिटेल्स को अमान्य कर दिया जाएगा और ऐसी स्थिति में उनकी अर्हता/ पात्रता प्रभावित हो सकती है, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेवार होंगे।
3. आवेदन के साथ समर्पित कागजातों में कोई भी परिवर्तन करने का अवसर देय नहीं है और अब कोई भी नया प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं होगा। सिर्फ अपीयरिंग अभ्यर्थी के पास प्रशैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र यदि उपलब्ध हो तो उसे अपलोड कर सकते हैं।
4. प्राथमिक विद्यालय अध्यापक अभ्यर्थी जिनको अपने बीएड सर्टिफिकेट को डीएलएड में बदलना है, उनको इसके संबंध में बाद में सूचित किया जाएगा।

भिन्नता पाए जाने पर होगी करवाई
इस्सके अलावा ध्यान रहे कि जिलों में 4 सितंबर 2023 से शुरू होने वाले दस्तावेज सत्यापन के समय अगर अपलोड किए गए दस्तावेज और उससे संबंधित डिटेल्स में अगर भिन्नता पाई जाती है तो ऐसे अभ्यर्थियों को असत्यापित मानते हुए उनके खिलाफ अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। अपलोड दस्तावेज के अनुसार डिटेल्स न देने पर अहर्ता प्रभावित हो सकती है।

