बिहार के लोग करेंगे अयोध्या राम मंदिर के दर्शन, 25 जनवरी से चलेगी ट्रेन, रहने खाने का मुफ्त में रहेगा इंतजाम

अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होना तय है। ऐसे में बिहार के लोगों को राम मंदिर के दर्शन कराने के लिए अयोध्या ले जाया जाएगा। इसके लिए 25 जनवरी से ट्रेन भी चलेगी।
बिहार से हर रोज लगभग 50 हजार लोगों को अयोध्या ले जाने की योजना है। लोगों को ट्रेन और बस से ले जाने के साथ ही अयोध्या में ठहरने और खाने की भी व्यवस्था की जाएगी। आईये जानते है क्या है योजना।
बीजेपी कराएगी बिहार के लोगों को रामलला के दर्शन
दरअसल देश की सत्ताधारी राजनितिक पार्टी यानि की भारतीय जनता पार्टी बिहार के लोगों को रामलला की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा के बाद दर्शन कराने के लिए अयोध्या ले जाएगी।
इसके मद्देनजर 25 जनवरी से 25 मार्च 2024 तक लगातार ट्रेन चलेंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रामलला का दर्शन करवाया जा सके। भाजपा के रामलला दर्शन अभियान के प्रदेश संयोजक जगन्नाथ ठाकुर ने यह जानकारी शेयर की है।
उन्होंने कहा कि – “अयोध्या जाने वाले लोगों को 01 से 15 जनवरी 2024 तक अक्षत देकर निमंत्रण देने के साथ निबंधन किया जाएगा। उसके बाद 25 जनवरी 2024 से अयोध्या के लिए रवाना किया जाएगा।”

रोजाना 50 हजार श्रद्धालुओं को रामलला का निःशुल्क दर्शन
जगन्नाथ ठाकुर ने कहा कि – “बिहार के लोगों को रामलला का दर्शन कराने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को रामलला का निःशुल्क दर्शन कराया जाएगा।”
आगे उन्होंने बताया कि – “बिहार से एक दिन में 50 हजार लोगों को ले जाने की योजना है। इन लोगों के ठहरने, खाने और दर्शन के लिए बिहार भाजपा की टीम अयोध्या में मुस्तैद रहेगी।”
उत्तर प्रदेश से लगे बिहार के जिलों के लोगों को बस से ले जाने की व्यवस्था की जाएगी जबकि दूर के जिलों के लोगों को ट्रेन से अयोध्या पहुंचाया जाएगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थानीय मन्दिरों में प्रसाद वितरण
इसके अलावा जगन्नाथ ठाकुर के अनुसार ट्रेन में एक बोगी महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि बाकी के बोगी में पुरुष श्रद्धालु रहेंगे। ट्रेन में भजन मंडली के साथ पूजा करने की भी व्यवस्था की जाएगी।
राज्य के हिसाब से स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा लंगर चलाया जाएगा। अभियान के राज्य संयोजक ने बताया कि रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के दिन मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की व्यवस्था की जाएगी।
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थानीय मन्दिरों में भी प्रसाद वितरण किया जाएगा। उसके बाद शाम में प्रत्येक परिवार के लोग कम से कम पांच दीपक अपने अपने घर पर जलाएंगे। यह नजारा दीपावली से कम नहीं होने वाला है।