Mangoes Of Bihar: बिहार का अनोखा व स्वादिष्टम आम, देखने के लिए लगती है रोजाना हजारों की भीड़; जाने खासियत

बिहार का अनोखा व स्वादिष्टम आम, देखने के लिए लगती है रोजाना हजारों की भीड़; जाने खासियत

Mangoes Of Bihar: हम भारतीयों को आम के बारे में चौथी और पांचवी शताब्दी पूर्व से पता है और इसकी खेती भी की जाती थी। अब तक हम सिर्फ यही जानते थे कि, गर्मियों के मौसम में ही आम का लुफ्त उठा सकते हैं, लेकिन आज हम आपको आम की एक ऐसी किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें साल में दो बार मंजर आते हैं और बाजार में इसे बारहमासी आम के नाम से जाना जाता है।

वैसे तो कहा यह जाता है की आम केवल गर्मियों में ही मिलते हैं लेकिन वैशाली जिले के  जरंगी गांव में बारहमासी आम का एक किस्म लोगों के बीच के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।दरअसल गांव के सड़क किनारे आम का बगीचा है जहां बारहमासी आम के पेड़ लगे हुए हैं।

किसान अरविंद सिंह की अच्छी कमाई

यहां के स्थानीय निवासी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि अपनी इनकम टैक्स की नौकरी से रिटायर होने के बाद उन्होंने 10 एकड़ जमीन पर आम की खेती करने का निर्णय लिया और इसमें बारहमासी आम का पेड़ लगाया। जिसमें वर्ष में दो बार फल आता है।

 mango

पहली बार तब, जब सभी आम में मंजर आता है और दूसरी बार जून महीने के अंतिम और जुलाई की शुरुआत में इसमें छोटे-छोटे फल आ जाते हैं। इस बारहमासी आम की खेती से उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हो जाता है।उन्होंने बताया कि आम के अलावा करीब 3 एकड़ में लीची की खेती भी की है, उससे भी उन्हें अच्छी खासी आमदनी प्राप्त हो रही है।

300 से ₹400 किलो है ये  आम

सावन में बारहमासी आम के पेड़ों पर खूब ढेर सारे मंजर देखने को मिलते हैं और वैशाली जिले के दाउदनगर जारंग मार्ग पर इस तरह के आम के बगीचे बहुत सारे देखने को मिलते हैं सड़क के किनारे होने के कारण उन पर अक्सर राहगीरों की नजर जाती है आपको बता दें कि इस आम की कीमत बाजार में 300 से ₹400 प्रति किलो लगाई जाती है और यह आम भारतवर्ष में अक्टूबर और नवंबर के समय उपलब्ध होता है।

वर्ष में दो बार आता है फल

आपको बता दें कि जून-जुलाई में आने वाले मंजर से, फल अक्टूबर या नवंबर महीने में तैयार होता है। और सही ढंग से रखरखाव की जाए तो पेड़ से करीब 5 से 6 क्विंटल फल मिल जाता है जिसकी कीमत बाजार में हजारों रुपए में लगाई जाती है। इसके अलावा इसने फरवरी और मार्च महीने में भी फल लगते हैं जो मई और जून महीने तक तैयार हो जाते हैं।

बाजार में इस फल की कीमत करीब ₹300 प्रति किलो से ज्यादा है। तो अनुमान लगाया जा सकता है कि अगर किसान भाई इसकी खेती शुरू करें तो उन्हें उनकी आमदनी का दोगुना मुनाफा इस बारहमासी आम से मिल सकता है।वैसे भी कहा जाता है कि वैशाली जिले की मिट्टी आम की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है।

दूर -दूर से देखने आ चुके लोग

स्थानीय लोगों की मानें तो  इस बारहमासी आम की खेती को देखने के लिए देश के साथ-साथ विदेशों से भी लोग आ चुके हैं। इसे देखना इसलिए भी चकित करता है क्योंकि भारत में आम सिर्फ गर्मी के मौसम में मिलता है जबकि बारहमासी आम अक्टूबर-नवंबर के समय देखने को मिलता है।

वैशाली जिले में आम की खेती करने वाले किसान अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस बारहमासी आम की खेती से उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हो जाता है इसके अलावा इस रास्ते से गुजरने वाले सभी राहगीर आम से लदे पेड़ के मंजर को, रुक कर जरूर निहारते हैं और इनके बगीचे में जाकर इसकी जानकारी भी लेते हैं।