Bihar Liquor Ban: 7 साल बाद शराबबंदी कानून पर बड़ा फैसला, नीतीश सरकार ने किया ऐलान; जाने पूरी खबर

Bihar Liquor Ban: जैसा कि आप सब को पता होगा बिहार में शराब बंदी लगभग 7 सालों से लागू है। इसी बीच कुछ दिनों पहले आयोजित हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी को लेकर कुछ बातें कहीं और कर दिया बड़ा ऐलान।
जानकारी के लिए आपको बता दे कि आज से कुछ महीना पहले जाती है जनगणना पूरे प्रदेश में की गई थी,जिसमें लगभग 500 करोड़ का खर्च सरकार के द्वारा इस पर किया गया था। ऐसे में एक और सर्वे का निर्णय कितना सही? कितना गलत? आइए जानते है इस पोस्ट में….
शराबबंदी का सर्वे करेगी बिहार सरकार
मुख्यमंत्री के द्वारा जारी किए गए ऐलान के मुताबिक बिहार राज्य में अगले साल यानी 2024 में शराब बंदी को लेकर हाउस टू हाउस सर्वे किया जाएगा। जानकारी के लिए आपको बता दे कि आज से कुछ महीना पहले पूरे राज्य भर में जातीय सर्वे का कार्य सरकार के द्वारा किया गया था।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच पर एक कार्यक्रम के दौरान कहा “आप लोग ठीक ढंग से एक बार फिर से शराब बंदी का सर्वे कीजिए हम तो कहेंगे एक-एक घर में जाकर पता लगाइए कि शराब बंदी का क्या असर पड़ा है”|

शराबबंदी का मुख्य उपदेश
शराबबंदी सर्वे का मुख्य उपदेश है लोगों को जागरूक करना है इस रिपोर्ट में पता लगाया जाएगा की कितने लोग शराब बंदी के पक्ष में है? शराब बंदी को लेकर लोग क्या सोचते हैं? और क्या लोग शराब पीना पूरी तरीके से छोड़ चुके हैं?
ऐसे में लोगों के द्वारा सवाल उठाए जा रहा है कि सरकार पढ़ाई विकास और हेल्थ जैसी महत्वपूर्ण चीजों को छोड़कर सर्वे का कार्य में पैसे इन्वेस्ट कर रही है। नीतीश कुमार सर्वे को लेकर मंच से घोषणा कर चुके हैं।
एक और सर्वे की क्या जरूरत
आप लोगों को पता होगा कि आज से कुछ महीना पहले बिहार में जातीय जनगणना की सर्वे घर-घर जाकर कराई गई थी। सरकार के अनुसार सर्वे से पता चल जाएगा कि कौन-कौन शराब बंदी कानून के पक्ष में है और कौन-कौन इसके खिलाफ है।
लेकिन लोगों के द्वारा लगातार सर्व को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं। आम जनता का ऐसा कहना है कि राज्य में बार-बार सर्वे पर पैसे खर्च करना काफी गलत निर्णय सरकार के लिए साबित हो सकती है। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की बातें शराबबंदी सर्वे को लेकर कर रहे हैं।
बिहार में कितने लोग शराब छोड़ चुके है?
2018 में एक रिपोर्ट जारी किया गया था जिसमें पता चला था कि बिहार में कुल 1 करोड़ 64 लाख लोग शराब बंदी कानून के चलते शराब पीना छोड़ चुके हैं। उसके बाद सर्व 2023 के रिपोर्ट के अनुसार पता लगा कि कल 1 करोड़ 82 लाख लोगों ने शराब पूरे तरीके से छोड़ चुके हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दे की साल 2023 में जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार 99 फ़ीसदी महिला और 92 फ़ीसदी पुरुष का कहना था कि शराबबंदी कानून पूरे बिहार में लागू रहे। शराबबंदी कानून को लेकर सरकार अब तक सख्त है।
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