Success Story: बिहार का किसान स्ट्रॉबेरी की खेती से बना करोड़पति, पहले हरियाणा में करते थे मजदूरी

बिहार के युवा अक्सर अपनी प्रतिभा का झंडा अलग अलग क्षेत्रों में लहराते आए है। लेकिन इस बार हम आपको एक ऐसे किसान की कहानी सुनाने जा रहे है, जो विदेशी फ्रूट की खेती से बंपर कमाई कर रहे हैं।
इससे पहले वह हरियाणा राज्य में मजदूरी का काम करते थे। आज वो स्ट्रॉबेरी की खेती से सालाना 70 लाख रूपए का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई लोगों को रोजगार भी दिया है। इस वजह से वह पूरे जिले में चर्चा का विषय बने हुए है।
बिहार के बृजकिशोर मेहता की कुछ ऐसी कहानी
बिहार के अधिकांश परिवार की यही कहानी है की जब लोगों को घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए निवासी से प्रवासी बनना पड़ता है। ऐसे लोग अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र ,गुजरात सहित अन्य राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं।
इस सिलसिले का क्रम आज भी जारी है। बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले बृजकिशोर मेहता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह आज से लगभग दस वर्ष पहले हरियाणा के हिसार में रोजगार के दम पर रोटी का जुगाड़ करने के इरादे से गए थे।
स्ट्रॉबेरी की खेती से करोड़ों में कमाई
लेकिन वहां पर ज्यादा समय तक नौकरी नहीं कर पाए। लेकिन वहां से एक ऐसी विदेशी फल की खेती सीख कर आए, जिससे उन्होंने मोती कमाई की। आज बृजकिशोर मेहता एक करोड़ रुपए के आसपास कमा रहे हैं। इस विदेशी फल का नाम है: स्ट्रॉबेरी।
आज बृजकिशोर स्ट्रॉबेरी की खेती से अपनी किस्मत बदलने के साथ लगभग दस से अधिक किसानों की जिंदगी भी बेहतर कर रहे हैं। बिहार में पिछले दस सालों के दौरान कई जिलों के किसान बड़े एवं छोटे स्तर पर स्ट्रॉबेरी की खेती में लगे हुए हैं। इसके जरिए उनकी अच्छी कमाई भी हो रही हैं।
गाँव के चालीस किसान कर रहे स्ट्रॉबेरी की खेती
वहीं बृजकिशोर जो कभी अपने खेत में धान, गेहूं सहित अन्य फसलों की खेती से घर की बुनियादी सुविधा पूरा नहीं कर पाते थे। आज वे स्ट्रॉबेरी की खेती को अच्छी कमाई का बेहतर विकल्प मानते हैं। आज इसी के चलते उनके परिवार के सभी सदस्य शिक्षित होने के साथ-साथ घर भी भौतिक सुविधा से परिपूर्ण है।

बृजकिशोर का गांव चील्खी बिगहा पहाड़ों के गोद में बसा हुआ है। फिलहाल यहाँ के चालीस किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। लेकिन जब वह पहली बार हरियाणा से पौधे लेकर गाँव आए तो उस समय किसी को इसके बारे में कुछ भी पता ही नहीं था।
साल में बेचते है एक करोड़ 40 लाख रुपये का स्ट्रॉबेरी
किसान तक से बातचीत के दौरान बृजकिशोर ने कहा कि – “केवल 60 पौधे लेकर गांव आए और खेती शुरू की थी। आज 10 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। साल में करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये का स्ट्रॉबेरी बेचते हैं।”
उनका कहना है कि – “10 एकड़ में खेती करने पर 70 लाख रुपये का खर्च आता है। इस तरह एक साल में स्ट्रॉबेरी की खेती से 70 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।”
सीएम नितीश भी पधार चुके है उनके खेत
आपको बता दे की बृजकिशोर मेहता के खेत पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आ चुके है। बृजकिशोर ने तब सीएम नीतीश से राज्य में पैक हाउस और स्ट्रॉबेरी के पौधे उपलब्ध न होने की बात कही थी। मगर अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
वह बताते हैं कि उनके खेत का स्ट्रॉबेरी बिहार सहित अन्य राज्यों में जाता है, जिसमें से करीब 70 प्रतिशत माल का निर्यात केवल कोलकाता में होता है। कभी नौकरी के लिए हरियाणा जाने वाले बृजकिशोर के यहां आज लगभग दो सौ लोग काम कर रहे हैं।
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