मिथिला पेंटिंग से सज रहा अयोध्या, दामाद श्री राम के घर को सजाने में जूटे सीता जी के मायके के कलाकार

मिथिला पेंटिंग की चमक बिहार से लेकर देश विदेशों तक फैली हुई है। ऐसे में प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है।
पुरे अयोध्या धाम को सजाया जा रहा है। ऐसे में अपने दामाद यानि पाहुन श्री राम के घर को सजाने में मिथिलांचल अपनी भूमिका भला कैसे नहीं निभाएगा? माता सीता के मायके के आर्टिस्ट अयोध्या की खूबसूरती में चार चाँद लगाने में लगे हुए है।
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर दिखेगी मिथिला पेंटिंग की झलक

दरअसल बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में भगवान राम को दामाद माना जाता है। ऐसे में जब श्री राम लला अपने घर में विराजमान होने जा रहे हैं, तो मिथिला के श्रद्धालु, कलाकार इस पावन अवसर को और अधिक यादगार व आकर्षक बनाने के लिए पूरे उत्साह, आस्था व श्रद्धा से जुटे हुए हैं।
रामलला की प्रतिमा स्थापित होने के बाद बहुत से श्रद्धालु रेल मार्ग के जरिए अयोध्या आएँगे। जहाँ इन श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर ही मिथिला की झलक देखने को मिलेगी।
मिथिला पेंटिंग से सजा अयोध्या हवाई अड्डा

मिथिला के कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग यात्रियों का स्वागत करेगी। एक – एक कलाकार द्वारा रामायण, राम-सीता प्रसंग, कोहबर, प्राकृतिक सौंदर्यता पर आधारित पेंटिंग बनाया जा रहा है।
इसके अलावा अयोध्या हवाई अड्डा को भी पूरी तरीके से मिथिला पेंटिंग से सजा दिया गया है। अयोध्या में राम मंदिर जाने वाले रास्तों में जगह-जगह दीवाल, पुल पर भी मिथिला पेंटिंग बनाया जा रहा है।
दीवालों पर दिखेंगे राम-सीता से जुड़े विभिन्न प्रसंग

आपको राम नगरी भ्रमण करने के दौरान जगह-जगह पर मिथिला की झलक दिखाई देगी। पेंटिंग कर रहे कलाकारों ने कहा कि – “अयोध्या रेलवे स्टेशन व हवाई अड्डा पर राम के जन्म, गुरु विश्वामिश्र से धनुर्विद्या सीखने से लेकर राम-सीता से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दीवालों पर कूची व रंग के माध्यम से उकेरा गया है।
जो हर आने जाने वालों को रुकने के लिए मजबूर कर रहा है। इसी प्रकार राम मंदिर जाने वाले सड़क मार्ग में आने वाले पुल, दीवाल पर कहीं कलश तो कहीं मोर, कहीं कोहबर, तो कही मछली पर आधारित पेंटिंग बनायी गयी है।”
बिहार के मधुबनी जिले से आए 50 कलाकार
बिहार के मधुबनी जिले के कलाकार पेंटिंग बनाने में दिन-रात लगे पड़े हैं। राम मंदिर परिसर व मंदिर की दीवालों पर भी पेंटिंग की तैयारी की जा रही है। वस्त्र मंत्रालय द्वारा जिले के लगभग 50 पेंटिंग कलाकारों को अयोध्या बुलाया है।
इन कलाकारों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार शांति देवी सहित जितवारपुर, हरिनगर, लहेरियागंज, रांटी से चार दर्जन मिथिला पेंटिंग कलाकार शामिल है। नवीन झा की अगुआई में सभी कलाकार वस्त्र मंत्रालय के बुलावे पर अयोध्या पहुंचे हैं।

नवीन झा ने कहा है कि – “राम मंदिर आयोजन समिति ने रामायण व राम सीता पर आधारित पेंटिंग बनाने का निर्देश दिया है।” आपको बता दे की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम यानि 22 जनवरी 2024 से पहले इस पेंटिंग का काम पूरा हो जाएगा।
राम मंदिर में मिथिला पेंटिंग बनाना कलाकारों के लिए गर्व की बात
अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में मिथिला पेंटिंग बनाने व यहां के कलाकारों को इसकी जिम्मेदारी मिलने की जानकारी होने पर कलाकारों व आम लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

कलाकारों ने कहा कि – “जिस अवसर के लिए लोगों ने सालों इंतजार किया है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है, उस मौके पर यदि मिथिला पेंटिंग भी किया जा रहा है, तो यह निश्चय ही कलाकारों के लिए गर्व की बात है।”
आपको बता दे की बिहार में अयोध्या की तर्ज पर विराट रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उसके बाद बिहार के सीतामढ़ी में जानकी धाम मंदिर का निर्माण के लिए लोकसभा चुनावों से पहले शिलान्यास की मांग की जा रही है।