Vande Bharat Trains से कितनी होती है कमाई? रेलवे ने दिया RTI का हैरान करने वाला जवाब

How much does Vande Bharat Trains earn

भारतीय रेलवे की सबसे पॉपुलर ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस है और ये लोगों की मोस्ट फेवरेट ट्रेन भी है। वंदे भारत ट्रेनों का किराया भी अच्छा-खासा है और ये सुविधाओं के मामले में भी अन्य ट्रेनों के मुकाबले ज्यादा एडवांस हैं।

अब Vande Bharat Trains से भारतीय रेलवे को कितनी कमाई कमाई हो रही है? इसको लेकर रेलवे की ओर से जो जवाब आया है वो आपको हैरान कर सकता है।

रेलवे ने दिया RTI का हैरान करने वाला जवाब

दरअसल मध्य प्रदेश के निवासी चंद्रशेखर गौड़ यह जानना चाह रहे थे कि रेल मंत्रालय ने पिछले दो सालों में वंदे भारत ट्रेन से कितना रेवेन्यू कमाया है और क्या इनके संचालन से कोई मुनाफा या नुकसान हुआ है?

अब सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर एक आवेदन के जवाब में रेल मंत्रालय ने कहा है कि – “वो वंदे भारत रेलगाड़ियों से आमदनी का अलग रिकॉर्ड नहीं रखता है।”

रेल मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा – “यह जानकारी देने में रेल मंत्रालय असमर्थ है क्योंकि ट्रेन के हिसाब से राजस्व रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।”

वंदे भारत ट्रेन से 2 करोड़ से अधिक लोगों ने की यात्रा

बता दे की वंदे भारत देश की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है, जिसे 15 फरवरी, 2019 को नयी दिल्ली और वाराणसी के बीच चलाया गया था। वर्तमान समय में देश के अंदर कुल 102 वंदे भारत ट्रेन 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 284 जिलों से होकर 100 मार्गों पर चल रही हैं।

रेलवे अधिकारियों ने हाल ही में कहा कि – “अब तक 2 करोड़ से अधिक लोगों ने वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की है।” अधिकारियों ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में वंदे भारत रेलगाड़ियों द्वारा तय की गई दूरी पृथ्वी के 310 चक्कर लगाने के बराबर है।

आरटीआई करने वाले ने जताई हैरानी

आरटीआई करने वाले चंद्रशेखर गौड़ ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि – “रेलवे वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या और संबंधित रेलगाड़ियों की तय की गई दूरी का रिकॉर्ड रखता है, लेकिन राजस्व के बारे में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी नहीं रखता।”

आगे उन्होंने कहा की – “रेलवे अधिकारी एक साल में वंदे भारत रेलगाड़ियों की तय की गई दूरी की धरती के चारों ओर कुल चक्करों के बराबर की गिनती कर सकते हैं, लेकिन उसके पास इन ट्रेन से एकत्र हुए कुल राजस्व का आंकड़ा नहीं है।”

गौड़ ने कहा – “रेलवे के लिए वंदे भारत ट्रेन से राजस्व की स्थिति का अलग रिकॉर्ड रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड नयी पीढ़ी की ट्रेन हैं और इनकी प्रॉफिटिबिलिटी से असली लोकप्रियता स्थापित होगी”

वंदे भारत में 92 फीसदी से ज्यादा बुकिंग

रेलवे ने पिछले साल अक्टूबर में दायर किए गए आरटीआई के तहत एक और आवेदन के जवाब में कहा था कि – “वंदे भारत रेलगाड़ियों में कुल मिलाकर 92 फीसदी से ज्यादा सीट बुक रहती हैं जिसे रेलवे अधिकारी उत्साहजनक आंकड़ा मानते हैं।”

हाल ही में एक और आरटीआई रिप्लाई से इस बात का भी पता चला है की वंदे भारत ट्रेनों के उद्घाटन समारोह पर कितना सार्वजनिक पैसा ख़र्च किया गया है? जिसके अनुसार भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने पिछले दो सालों के अंदर अकेले वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने वाले दस कार्यक्रमों पर कुल 1.89 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं।

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