बिहार से यूपी और झारखण्ड के 15 रूटों पर दौड़ेगी बसें, अपनों से मिलना हो जाएगा आसान

बिहार सरकार यूपी और झारखण्ड आने-जाने के लिए परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने की कवायद में लगी हुई है। जिसको लेकर पथ परिवहन निगम की ओर से इसकी व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
हल ही में राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों यूपी और झारखंड के शहरों को जोड़ने के लिए और बसें चलाने की योजना को हरी झंडी दी गई है। जिसके अनुसार इन दोनों राज्यों के 15 रूटों पर बसें दौड़ेंगी।
बिहार से यूपी और झारखण्ड के लिए 15 रूटों पर दौड़ेगी बसें
दरअसल बिहार से यूपी और झारखण्ड के लिए 15 नए चयनित मार्गों पर नयी बसें चलाने की योजना है। बता दे की बसों के परिचालन के लिए बिहार से यूपी के लिए 5 मार्गों पर जबकि झारखंड के 10 मार्गों का चयन किया गया है।
बीते कुछ दिनों पहले हुए सर्वे में यह बात पता चला है कि इन अंतर्राज्यीय मार्गों पर बसों की आवश्यकता बढ़ गई है। क्योंकि इन रूटों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। यही नहीं यात्रियों की संख्या में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नजर आ रही है।
यूपी के लिए 15 और झारखंड के लिए 60 बसों का परिचालन
लेकिन, इन रास्तों पर आवश्यकतानुसार बसें नहीं चल रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने दोनों राज्यों के लिए बसों के परिचालन का फैसला किया है। इन रूटों में दोनों राज्यों के कई और जिले, कस्बे और ग्रामीण इलाके भी सीधे जुड़ेंगे।
पथ परिवहन निगम के अनुसार यूपी के लिए 15 बसें चलाई जाएंगी। जबकि झारखंड के लिए 60 बसों के परिचालन की योजना है। हालांकि भविष्य में अन्य मार्गों पर भी जरूरत के अनुसार बसों को चलाने की योजना है।
बिहार से झारखण्ड के लिए चलने वाली बसें
रूट | बसों की संख्या |
---|---|
पटना-रांची | 06 |
पटना-टाटा | 06 |
पटना-हजारीबाग | 06 |
नवादा-हजारीबाग | 06 |
पटना-डाल्टेनगंज | 06 |
गया-हजारीबाग | 06 |
गया-रांची | 06 |
नवादा-रांची | 06 |
नवादा-गिरीडीह | 06 |
सीतामढ़ी-टाटा | 06 |
बिहार से उत्तर प्रदेश के लिए चलने वाली बसें
रूट | बसों की संख्या |
---|---|
सीवान-गोरखपुर | 02 |
रक्सौल-गोपालगंज-गोरखपुर | 03 |
रक्सौल-मोतिहारी-गोरखपुर | 03 |
छपरा-गोरखपुर | 05 |
मोतिहारी-गोरखपुर | 02 |
बिहार में 120 मार्गों पर नयी बसें चलाने की योजना
समूचे बिहार में 120 मार्गों पर नयी बसें चलाने की योजना है। इन रूटों पर 376 बसों की जरुरत बताई गई है। ये सारे मार्ग राज्य के अंदर के हैं और कई जिलों को जोड़ते हैं।
यही नहीं इसमें लगभग सारे प्रमुख शहरों को अन्य शहरों या जिला मुख्यालय से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण छोटे शहर भी हैं, जहां बसों के परिचालन की जरूरत महसूस की गयी थी।
पिछले दिनों बिहार सरकार द्वारा पूरे राज्य में बसों के परिचालन को लेकर आम लोगों की जरूरतों का आकलन किया गया था।
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