KK Pathak News: बिहार के सरकारी स्कूलों पर केके पाठक का ऐसा प्रभाव, शिक्षा विभाग के साथ अभिभावक भी खुश

KK Pathak News: गाहे बगाहे केके पाठक किसी न किसी मुद्दे के वजह से चर्चा में आ ही जाते है। अब ताजा वाकया ही ले लिया जाए तो केके पाठक के इफेक्ट से शिक्षा विभाग के साथ अभिभावक भी गदगद हो उठे है।
बिहार के शिक्षा विभाग का पदभार संभालने के बाद से केके पाठक (KK Pathak) लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की कोशिश में लगे हुए हैं। अपने कई फैसलों के लिए आलोचना झेल रहे केके पाठक के लिए अब एक अच्छी खबर सामने आई है।
केके पाठक ने बिहार के स्कूलों का किया लगातार दौरा
केके पाठक को बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किए हुए एक साल पूरा होने जा रहा है। उन्होंने जून, 2023 में शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किया था।
जिसके बाद से केके पाठक ने बिहार के स्कूलों का लगातार दौरा किया। उनके इस दौरे का उद्देश्य बिहार के सरकारी स्कूलों को पहले से ज्यादा सक्रिय करना था।
बिहार के कई स्कूलों की स्थिति सुधरने लगी
जिसके तहत उन्होंने स्कूलों में मौजूद बिहार सरकारी की ओर से दी गई सुविधा को बच्चों के बीच बांटने का आदेश दिया। खेल सामग्री, स्कूल में मौजूद लैब और बाकी गतिविधियों को शुरू कराया।
उसके बाद उन्होंने स्कूलों को उनके खाते में मौजूद राशि का पता लगाया। उसका हिसाब लिया। फिर विभिन्न स्कूलों में विभिन्न निर्माण कार्य शुरू करवा दिया।
देखते ही देखते बिहार के कई स्कूलों की स्थिति सुधरने लगी। उसके बाद उनका मेन फोकस छात्रों की उपस्थिति को बढ़ाने के ऊपर गया।
बिहार के सरकारी स्कूलों पर केके पाठक का ऐसा प्रभाव
इसके साथ ही केके पाठक ने जिला शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को निरीक्षण का काम सौंपा। सभी स्कूलों में अधिकारी जाएं और निरीक्षण करें। अब केके पाठक के विभिन्न प्रयासों का असर राज्य के सरकारी विद्यालयों पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
इसको लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से एक जानकारी भी सामने आई है। शिक्षा विभाग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी दी है कि कैसे स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ी है।
छात्रों की औसत उपस्थिति 70 प्रतिशत
शिक्षा विभाग ने इस पोस्ट में लिखा है कि – “01 जुलाई, 2023 से विभाग द्वारा विद्यालय अनुश्रवण व्यवस्था स्थापित की गई, जिसके तरहत शैक्षिक सत्र 2023-2024 में लगभग 40 हजार स्कूलों का प्रतिदिन निरीक्षण हो रहा था।
विद्यालयों में लगातार हो रहे अनुश्रवण से राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में आशातीत वृद्धि देखी गई और जुलाई, 2023 में जहां छात्रों की औसत उपस्थिति लगभग 53 प्रतिशत थी, वह मार्च, 2024 में बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत हो गई है।”
विद्यालयों के नियमित अनुश्रवण से छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि।#BiharEducationDept pic.twitter.com/VHeIM86E7i
— Bihar Education Department (@BiharEducation_) April 12, 2024
केके पाठक के कई फैसलों की हुई आलोचना
हालाँकि इन सब के बीच केके पाठक के कई फैसलों पर उनकी आलोचना भी हुई है। यहाँ तक स्कूल खोलने के टाइमिंग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री तक को हस्क्षेप करना पड़ा।
उसके बाद केके पाठक ने किसी न किसी पर्व पर छुट्टियों के दिन शिक्षकों के ट्रेनिंग की व्यवस्था कर दी, जिससे शिक्षक काफी नाराज हो गए।
शिक्षा विभाग के साथ अभिभावक भी खुश
वहीँ स्कूलों में स्टूडेंट्स की उपस्थिति बढ़ने पर शिक्षा विभाग के अलावा छात्र और अभिभावक भी काफी खुश हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि – “केके पाठक के प्रयास से ये संभव हुआ है।”
वहीं कुछ अभिभावकों ने शिक्षकों की मेहनत पर बात करते हुए कहा कि – “बिना शिक्षकों के ये संभव नहीं है। शिक्षकों ने काफी मेहनत किया है। वे बच्चों को स्कूल में आने के लिए समझाते हैं।”
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