बिहार के गाँवों में बेरोजगार युवक बनेंगे ट्रांसपोर्टर, हर साल 3700 युवाओं को मौका, जानिए क्या है नितीश सरकार की योजना

Unemployed youth will become transporters in the villages of Bihar

बिहार के बेरोजगार युवाओं के पास अब नौकरी के अलावा ट्रांसपोर्टर बनने का मौका सामने आया है। खबर है की अब बिहार के गांवों में बेरोजगार युवक भी ट्रांसपोर्टर बनेंगे। और ऐसा करने में नीतीश सरकार उनकी मदद करेगी।

ऐसे बेरोजगार युवक अब गांवों से लेकर शहरों तक अपनी गाड़ियां दौड़ाएंगे। इस तरह एक ट्रांसपोर्टर के रूप में उनकी भी पहचान बनेगी। सबसे बड़ी बात तो यह होगी कि सपने पूरे करने में पैसों की बाधा आड़े नहीं आएगी।

इसके लिए नितीश सरकार खास योजना ला रही है। इस योजना से हर वर्ष करीब 3700 युवकों को सहायता देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आईये जानते है इसके बारे में………

50 फीसदी या अधिकतम 1 लाख रुपए तक अनुदान

परिवहन विभाग मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत युवाओं को वाहनों की खरीद पर भारी-भरकम सहायता करेगी। योजना के तहत हर पंचायत में 7 लाभुकों को वाहन खरीद पर अनुदान की व्यवस्था की गयी है।

चयनित लाभुकों को वाहन खरीदने के लिए खरीद मूल्य का 50 फीसदी या अधिकतम 1 लाख रुपए तक अनुदान की व्यवस्था की गई है। सरकार ने चयनित युवकों को इस संबंध में एक और सुविधा दी है।

यदि वाहन खरीद के लिए उन्होंने किसी संस्था से ऋण लिया है तो सरकार उस संस्था को देय राशि का भुगतान भी करेगी।

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एम्बुलेंस के लिए भी विशेष योजना

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना (एम्बुलेंस योजना) भी लायी गयी है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रखंड में अधिकतम 2 लाभुकों को एम्बुलेंस खरीद पर 50 फीसदी या अधिकतम 2 लाख तक अनुदान की व्यवस्था की गयी है।

इससे गांवों में मरीजों के लिए बेहतर एम्बुलेंस व्यवस्था प्राप्त हो पाएगी। इसके लिए भी सरकार ने गांव के बेरोजगार युवकों पर ही भरोसा किया है।

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