क्या मलमास में नहीं करने चाहिए शुभ कार्य! जाने कहां चले जातें हैं भगवान?

Malmas 2023 : सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है, भक्तजन इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। और इस साल तो सावन का महीने 2 महीने के लिए आया है। लोगो के मन में ये सवाल जरूर आता होगा की ये 2 साल का सावन क्यों आ रहा है।
इस साल सावन में मलमास लग रहा है जिसकी वजह से यह दो महीने का हो रहा है। पुराणिक संस्कृति से ये माना जा रहा है कि मलमास में भगवन जी अपने मंदिर को छोड़ कर चले जाते है। जिसके कारण लोग मलमास लगते ही भगवान् की पूजा करना बंद कर देते है। तो चलिए जानते है कि ऐसा क्यों होता है।
क्या कहते है पंडित
अजगैबीनाथ के मठाधीश जी ने बताया कि ऐसी कई सारी मान्यता है लेकिन ऐसा नहीं है कि भगवान् मलमास के महीने में मंदिर में नहीं रहते। दरसल मलमास का महीना भगवन विष्णु जी को बहुत प्यारा है, और मलमास के महीने में भगवान विष्णु जी की पूजा होती है , जिससे सारे देवी देवता भी भगवान् विष्णु की पूजा में लीन हो जाते है। इस महीने में भगवान् विष्णु की पूजा करने से सभी की मनोकामना पूरी होती है और ऐसा माना जाता है कि अटके हुए काम भी पुरे हो जाते है।
मलमास में कोई भी न करे शुभ काम
इस महीने में भगवान् की भक्ति में अपने आप को ढालना चाहिए। इस महीने में कोई भी शुभ नहीं करना नहीं चाहिए, इस महीने भगवान् भोले नाथ को जल में बेलपत्र देकर अर्पण करने से बहुत लाभ होता है। मलमास के महीने में शादी, नए घर की बनाने की शुरुआत, पुराने घर की मरम्मती, जनेऊ के साथ,और भी ऐसे काम जो शुभ हो वह नहीं करना चाहिए।
माना जाता है मलमास के महीने में कोई भी शुभ काम सफल नहीं होते है। क्योकि इस महीने भगवान् विष्णु आराम करते है जिससे कोई भी शुभ काम को नहीं किया जाता है।
क्यों प्रिय है सावन भोले नाथ को
आपके मन में भी विचार आता ही होगा की आखिर क्यों सावन के महीने में ही भगवान् शिव को पूजा जाता है। तो आपको बता दे की इसी महीने में भगवान शिव ने विषपान किया था। और भक्तजन ऐसा मानते है कि इस महीने भगवन जी की कृपा ज्यादा होती है। इसलिए सावन महीने सब सभी लोग बाबा की पूजा अर्चना करते है।
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